झारखंड: नक्सली कहर में 11 जवान शहीद, लगभग 60 जख्मी

पुलिस व सीआरपीएफ की ओर से 400 राउंड व नक्सलियों की ओर 200 राउंड फायरिंग की गई। मृतकों में सीआरपीएफ के 133 बटालियन के चार व जी-94 बटालियन के दो जवान तथा जिला पुलिस बल के पांच जवान शामिल हैं। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है क्योकि कई जवानों की हालत बंहद गंभीर बताई जा रही है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार हुड़मुड़ जंगल में नक्सलियों के जमावड़े की सूचना मिली थी। सूचना पाकर टीम जब छापेमारी के लिये पहुंची तो लगभग दो किलोमीटर की दूरी में एक-एक कर 300 बमों का श्रृंखलाबद्ध विस्फोट हुआ। जवान इसकी चपेट में आ गए। मुठभेड़ शुरु हुई और पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली साके-गड़गांव जंगल की ओर भाग निकले।
क्या होता है सीरीज बम बलास्ट
हमने सीरीज बम बलास्ट की चर्चाएं तो कर ली मगर आपकों यह बताना भूल गये कि आखिर में सीरीज बम बलास्ट का मतलब क्या है। तो आईण् हम आपको बताते हैं। बारूदी सुरंगों के रूप में इस्तेमाल होने वाले सीरीज बम केन बम से हल्के, पांच से दस किलो के होते हैं। इन्हें बड़ी संख्या में डिटोनेटर से जोड़ कर जमीन के अंदर दबा दिया जाता है। एक सर्किट से 15 से 20 बम जुड़े होते हैं। हर सर्किट एक साथ फटता है। यह नए किस्म की आइईडी है। माओवादी दंतेवाड़ा में इनका इस्तेमाल करके सुरक्षाबलों को भारी क्षति पहुंचा चुके हैं।












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