लादेन की मौत से भारत पर खतरा मंडराया!

अल कायदा दुनिया का अकेला या लीडर आतंकवादी संगठन नहीं है। दुनिया भर में जिहादी अपने-अपने लेवल पर ऐक्टिव रहते हैं। मसलन भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा लश्कर, इंडियन मुजाहिदीन और सिमी है, और पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए तालिबान। कोई जरूरी नहीं कि ये अल कायदा के इशारे पर ही काम करते हों। इनके बीच एक कामचलाऊ रिश्ता हो सकता है। इस लिहाज से आतंकवाद के नेटवर्क पर लादेन की मौत का असर नहीं होगा, बल्कि बदले की घटनाओं में तेजी आ सकती है।
लादेन भारत को दुश्मन मानता था। उसका वारिस जवाहिरी इस मामले में और भी तेज है। भारत को अब अमेरिका से कहना चाहिए कि वह अपनी मुहिम को लादेन से आगे ले जाए। अल कायदा के साथ लश्कर और जैश के लोगों के खिलाफ भी ऐक्शन होना चाहिए। अगर यह हो सका तो भारत का खतरा कम होगा।
वैसे भी अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद पाकिस्तानी तालिबान ने पाक को अपना दुश्मन नंबर वन करार दिया है। संगठन ने ओसामा की मौत का बदला लेने के लिए पाक नेताओं, आर्मी और अमरीका पर हमले करने की धमकी दी है। तालिबान की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर पाक के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का नाम है।
जबिक भारत में भी ऐसे लोग मौजूद है जिन्होंवे लादेन को शहीद करार दिया है। उन्होंने कहा ओसामा दुनिया में अमेरिका के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक प्रतीक के तौर पर याद किया जाएगा। इसलिए मौजूदा हालात कह रहे हैं कि लादेन की मौत ने भारत में खतरे का बिगुल बजा दिया है। ऐसे में भारत को संगठित होकर आंतकवाद के खिलाफ जंग जारी रखनी होगी।












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