मध्य प्रदेश में 28 चिट फंड कंपनियों पर छापा

कलेक्टर आकाश त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक मकरंद देउस्कर ने इस छापामार कार्रवाई को प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिउ आठ दल गठित किए। दल में शामिल दंडाधिकारी और संबंधित पुलिस थाने के प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों ने कलेक्टर द्वारा गैर बैंकिंग कंपनियों की जाँच के लिए निर्धारित 12 बिंदुओं के मुताबिक छापामार काईवाई की।
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक की बैगर अनुमति के आम जनता से धन उगाही में जुटी गैर बैंकिंग कंपनियों तथा सक्षम कार्यालय में बगैर पंजीयन के रियल स्टेट के कारोबार के नाम से आम जनता से धन बटोर रही इन कंपनियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने पूर्व में भी सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस में प्रकरण दर्ज कराए थे।
ज्ञात हो कि अवैध तरीके से जनता का धन स्वीकार कर रही कंपनियों के खिलाफ कलेक्टर द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा मध्यप्रदेश निपेक्षकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 के प्रावधानों के तहत पुलिस को सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी गई थी।
इन कंपनियों के ऑफिसों की हुई जाँच
जिन कंपनियों के ऑफिसों की सोमवार को जाँच की गई उनमें बीएनपी रियल स्टेट एंड एलाइड लिमिटेड, सांई प्रसाद प्रॉपर्टीज़, केएमजे लैंड डेवलपर्स, कमाल इंडिया रियल स्टेट, रॉयल सन मार्केटिंग इंश्योरेंस सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, स्काई लार्क लैंड डेवलपर्स एंड इंफ्रा गंगा कॉम्लेक्स, सांई प्रसाद फूड लिमिटेड, सन इंडिया रियल स्टेट एंड अलाइड लिमिटेड, मधुर टूरिज्म एंड मार्केटाइल प्राइवेट लिमिटेड, जीवन सुरभि डेयरी एंड एलाइड लिमिटेड, जेएसवी इंडिया प्रा.लि, जीसीए मार्केटिंग लि., पीएसीएल, जीएन लैंड डेवलपर्स, केबीसीएल, किम फ्यूचर विज़न, आरबीएल लि. परिवार डेयरी, एमकेडी लैंड डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड और प्रवचन डेयरी एंड अलाइड लिमिटेड शामिल हैं।












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