बीहड़ की कुख्यात डकैत चल पड़ी अन्ना हजारे के नक्शे कदम पर

सीमा ने कहा कि अब मैं समाज की मुख्य धारा में आ ही गई हूं तो अब व्यवस्था परिवर्तन करके ही दम लूंगी। इस भ्रष्ट व्यवस्था को जड़ से मिटाने के लिए उन्होंने हर जिले में जन जागरण अभियान चलाने का फैसला भी लिया है। जिसकी शुरुआत 24 अप्रैल से जालौन के माधौगढ़ से की जाएगी। अपने डकैत जीवन में लगभग हर सामाजिक व्यवस्था के प्रति बागी रही सीमा ने कहा कि आज के नेता और अधिकारी डाकुओं से बडे लुटेरे हैं। सीमा के मुताबिक उनकी समिति हर पीडित को न्याय दिलाने का काम करेगी।
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने भी तो अपने बागी जीवन में फिरौती वसूल कर भ्रष्ट व्यवस्था को बढावा दिया है तो उन्होंने बड़ी गम्भीरता से जवाब दिया कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। वह फिरौती के पत्र में साफ साफ लिखती थी कि अपनी हैसियत से आधी धनराशि पहुंचाकर अपने परिजन को मुक्त करा लें। हालांकि उन्होंने अपनी बीहड़ की जिंदगी को भी अच्छा नहीं कहा। अपने जीवन पर आधारित वुंडेड फिल्म में अभिनय कर चुकीं सीमा से जब अच्छे नेता या दल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी लडाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है। जिस दल का नेता या अफसर भ्रष्टाचार में लिप्त होगा उसके खिलाफ लडाई लडी जाएगी। सीमा के शब्दों में भ्रष्ट व्यवस्था का खामियाजा उन्होंने भी भुगता है।












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