अन्ना हजारे को रास नहीं आये नरेंद्र मोदी के मीठे बोल

मोदी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, "अन्ना हजारे जी आप एक समाजसेवक होने के साथ-साथ गांधीवादी नेता भी हैं। आपने अगर गुजरात की तारीफ की है, तो कुछ सोच कर और देखकर ही की होगी, लेकिन उन तत्वों से सावधान रहिये, जो गुजरात का बुरा चाहते हैं। वे लोग हमेशा गुजरात के हिमायतियों के खिलाफ मौका ढूंढ़ते रहते हैं। वे लोग आपके नाम को कलंकित कर सकते हैं।"
इससे पहले कन्नूर के मुस्लिम सांसद को गुजरात की प्रशंसा करने पर तिरस्कार झेलना पड़ा था। यही नहीं दारुल उलूम देवबंद विश्वविद्यालय के कुलपति की भी लोगों का तिरस्कार झेलना पड़ा था। यही नहीं बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन को भी लोगों ने नहीं छोड़ा था।
मोदी के इस सकारात्मक ब्लॉग के बावजूद अन्ना हजारे ने अपनी सफाई में मंगलवार को प्रेस कॉफ्रेंस कर डाली। उनहोंने कहा, "मेरे आज के संवाददाता सम्मेलन में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में मैंने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए किए गए विकास कार्य की केवल प्रशंसा की। साथ ही मैंने स्पष्ट किया कि मैं साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाले किसी भी रूप का विरोध करता हूं।"
गांधीवादी ने कहा, "मैं जाति अथवा धार्मिक भेदभाव या किसी तरह की साम्प्रदायिकता का पूरी तरह से विरोध करता हूं। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए गए उनके अभियान में सभी मत और धर्मों के लोग शामिल हुए और अपना सहयोग दिया। किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा नहीं है।"












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