काम आयी अन्ना की मुहिम, भ्रष्टाचार बना चुनावी मुद्दा
अन्ना हजारे को मिले जनता के समर्थन ने यह साबित कर दिया है कि अब जनता भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट हो रही है। राजनीतिक दलो ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की नब्ज पहचान ली है। इसक एक उदाहरण पिछले दिनों देखने को मिला जब विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर लखनऊ में मायावती सरकार के खिलाफ घोटालों की फेहरिस्त जारी की थी। व्यंगात्मक चित्रों के साथ सरकार के सौ घोटालों को उजागर करने वाली पुस्तक ने सरकार में फैले भ्रष्टाचार केकई सबूत पेश किए।
पुस्तिका में घोटालों के कई ऐसे तथ्य भी दिये गये जिन्हें नकार पाना सरकार के लिए भी आसान नहीं है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब आम जनमानस उठ खड़ा हुआ है। राजनीतिक दलों को जनता की भावना को समझना होगा क्योंकि यदि अब भी राजनैतिक दलों ने जनता की मांग की अनदेखी की तो उसके परिणाम बहुत खतरनाक होंगे।
श्री पाठक ने अपने बयान में कहा कि भाजपा ने घोटालों की फेहरिस्त जारी कर राज्य सरकार को एक तरह की चुनौती दी है। यदि पार्टी के आरोप गलत हों तो सरकार आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। यदि ऐसा लगे कि आरोपों के तथ्यों में कोई सच्च्चाई नहीं है तो सरकार श्वेत पत्र जारी कर सकती है। उनका कहना है कि अब जो भी राजनेता ईमानदार व साफ छवि को होगा अगले विधान सभा चुनाव में उसकी की जीत होगी। क्योंकि जनता ने अब भ्रष्टाचार को स्वयं मुद्दा बना लिया है।
उत्तर प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने भी भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बनाने का मन बना लिया है। सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि आगामी विधानसभा के चुनाव में कोई भी दल भ्रष्टाचार के मुद्दे से बच नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह कैसे संभव है कि कोई जनप्रतिनिधि लोकतंत्र के जिम्मेदार पद पर बैठकर लंबे समय तक मनमानी करता रहे। उन्होंने कहा कि जनता समझ चुकी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब उसे ही खड़ा होना होगा तभी देश व प्रदेश का भला हो सकेगा।
श्री चौधरी ने कहा कि बेलगाम अफसरशाही की पैसे की भूख लगातार बढ़ रही है, भ्रष्टाचार चरम पर है। किसानों के साथ धोखा हो रहा है उनकी जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। विरोध करने वाले किसानों को गोलियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रताप सिंह का कहना है कि उनकी पार्टी चाहती है कि भ्रष्टाचार चुनाव में मुद्दा बने क्योंकि क्षेत्रीय पार्टियां भ्रष्टाचार में बुरी तरह से डूबी हुई हैं।
उनका कहना है कि कांग्रेस में जिस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत हुई उस पर तत्काल कार्रवाई की गयी है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि चुनाव के समय जनता आम तौर पर मूल मुद्दे को छोड़ जात- पात धर्म और भाई भतीजावाद जैसे मुददों में फंस कर रह जाती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बनाने से काम नहीं चलता भ्रष्टाचार के खिलाफ सभी को एकजुट होना होगा।













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