मायावती के कैबिनेट में फेरबदल, नसीमुद्दीन का कद बढ़ा

उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री के बाद यदि कोई बड़े कद का मंत्री है तो वे हैं नसीमुद्दीन। जो आबकारी, मद्य निषेध, लोक निर्माण, नगर भूमि, आवास एवं शहरी नियोजन, गन्ना विकास, चीनी मिल विकास व सिचाईं जैसे अहम् विभागों को संभाल रहे है। इन महत्वपूर्ण विभागों के बाद सरकार ने चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंप दिया है। हालांकि उनके पास से कृषि विभाग को हटाकर चौधरी लक्ष्मी नारायण को दिया गया है।
श्री नारायण अभी तक व्यवसायिक शिक्षा के मंत्री थे जो अब जगदीश नारायण राय का दे दिया गया है। कहा जाता है कि श्री सिद्दीकी मुख्यमंत्री मायावती के खास व करीबी मंत्रियों में से एक हैं। हालांकि अब तक बाबू सिंह कुशवाहा की कुर्सी भी मुख्यमंत्री के नजदीक थी लेकिन दो दिन पूर्व अचानक हुए उलटफेर में श्री कुशवाहा को मंत्रिमण्डल से बाहर कर दिया और उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। श्री कुशवाहा के जाने के बाद खाली हुई कुर्सी पर नसीमुद्दीन के अतिरिक्त किसी और को बिठाया भी नहीं जा सकता था।
श्री सिद्दीकी को स्वास्थ्य विभाग दिए जाने के बाद यह तो तय ही हो जाता है कि उनकी वर्तमान सरकार में क्या अहमियत है। इसके अतिरिक्त 14 मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया गया। इस बीच गृह नियुक्ति, कार्मिक, न्याय-विधायी, नियोजन, राज्य संपत्ति, औद्योगिक विकास समेत कुल 26 विभाग मुख्यमंत्री मायावती के पास ही हैं। बसपा के दूसरे कद्दावर मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के विभागों में बढ़ोत्तरी हुई और उन्हें पंचायती राज विभाग के साथ नसीमुद्दीन के पास रहे भूमि विकास एवं जल संसाधन विकास की जिम्मेदारी सौंपी गयी। बाबू सिंह कुशवाहा के भूतत्व व खनिकर्म की जिम्मेदारी समाज कल्याण मंत्री इन्द्रजीत सरोज को दी गयी।












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