सत्‍ता के नशे में चूर नेताओं को जगाना जरूरी: अन्‍ना हजारे

Anna Hazare
नई दिल्‍ली। अनशन खत्‍म करने के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए अन्‍ना हजारे ने सीधे केंद्र सरकार व सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा, "मैं तीन महीने से सोनिया गांधी को पत्र लिख रहा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, तब जाकर हमने अनशन किया। सवाल यह उठता है कि जिन लोगों के हवाले जनता ने अपना पूरा देश कर दिया उनके पास एक पत्र का जवाब देने तक की फुरसत नहीं है।"

अन्‍ना ने कहा कि इस आंदोलन में जनता का दबाव इसलिए हुआ, क्‍योंकि सरकार में बैठे लोग सत्‍ता के नशे में चूर थे। उन्‍हें जगाना जरूरी था।

अगर अब भी सरकार नहीं सुधरी और लोकपाल विधेयक नहीं आया तो एक बहुत बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। यह आंदोलन हर एक व्‍यक्ति के जीवन से जुड़ा हुआ है। मैं जब आंदोलन के लिए दिल्‍ली आया था तो मुझे पता नहीं था कि इतने लोग मेरे साथ खड़े हो जायेंगे। लोग जो खड़े हुए वे असल में वे हैं, जिन्‍हें भ्रष्‍टाचार से तकलीफ हो रही है और बर्दाश्‍त के बाहर हो गया है। ये वे लोग हैं, जो भ्रष्‍टाचार को रोज कोसते हैं, लेकिन अकेले कुछ नहीं कर सकते।

भ्रष्‍टाचार पर रोक थाम लगाने वाली जितनी भी संस्‍थाएं हैं, चाहे वो सीबीआई हों, चाहे सीबीसीआईडी हो या भ्रष्‍टाचार नियामक आयोग, आदि। ये सब अभी तक सरकार के इशारे पर चलते हैं, लोकपाल विधेयक आने के बाद इन्‍हें स्‍वायत्‍ता दी जाएगी।

इस विधायक के अंतर्गत प्रधानमंत्री की शिकायत भी की जा सकेगी, कहीं राजनीतिक पार्टियां इसका गलत फायदा तो नहीं उठायेंगे, इस पर अन्‍ना ने कहा कि अगर उसका गलत लाभ उठाने की कोशिश भी करेंगे, तो भी नहीं उठा पायेंगे।

धन और ताकत के बल पर जो लोग भ्रष्‍टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं, क्‍या उन पर नियंत्रण कसा जा सकेगा, इस पर अन्‍ना ने कहा कि यह सब इसलिए हो रहा है, क्‍योंकि भ्रष्‍टाचार विरोधी निकाय सभी सरकार के अंतर्गत चल रहे हैं। लेकिन स्‍वायत्‍ता मिलने के बाद मंत्री तक को जेल हो सकेगी।

अनशन तोड़ने पर देरी होने पर अन्‍ना ने कहा कि सरकार ने शासनादेश भेजने की बात कही थी, लेकिन 10 बजे तक नहीं आया, लिहाजा मैं इंतजार कर रहा था।

यह आंदोलन ब्‍लैक मेल करने जैसा तो नहीं, इस पर अन्‍ना ने जवाब दिया कि दबाव बनाकर किसी कानून को बनाने से अन्‍ना हजारे को कोई निजी लाभ नहीं होने वाला। बात अगर दबाव की है, तो देश की भलाई के लिए यह काम करना गलत नहीं।

विधेयक बनाने के लिए बनायी गई समिति पर अन्‍ना ने कहा कि इसमें अनुभवी और ईमानदार व्‍यक्ति होने चाहिए। ऐसे लोग होने चाहिए, जिन्‍हें कानून की अच्‍छी समझ है। उन पर कोई दाग नहीं होने चाहिए। भले ही वो एक ही परिवार के क्‍यों ना हों।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+