टाटा-नीरा मामले की सुनवाई 19 अप्रैल से रोज होगी : सुप्रीम कोर्ट

न्यायाधीश जी. एस. सिंघवी और ए. के. गांगुली की पीठ टाटा द्वारा उठाए गए इस मुद्दे की जांच करेगी। इस दौरान संविधान में वर्णित निजता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी जांच होगी। आपको बता दें कि भारत की ही नहीं विश्व के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों में शूमार रतन टाटा इन दिनों बेहद नाराज है और अपनी इसी नाराजगी के चलते वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे । जिसके पीछे कारण नीरा राडिया और रतन टाटा के बीच हुई वार्ता का लीक होना है।
टाटा ने अपील की है कि लीक के जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए क्यों कि इससे उनके जीवन जीने के मूलभूत अधिकार का हनन हुआ है जिसमें निजता का अधिकार भी शामिल है। नीरा राडिया की जनसंपर्क कंपनी ही टाटा समूह का जनसंपर्क का काम देखती है। समझा जाता है कि टाटा न्यायालय के समक्ष यह तर्क देंगे कि इस टैप में कुछ बातचीत बेहद निजी है और वह जांच का हिस्सा नहीं हो सकती।












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