'मुझे टोकने से पहले अपने गिरेबान में झांके अमेरिका' :नरेंद्र मोदी
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन की तारीफ से लोग देश में ही नहीं विदेश तक में भली-भांति परिचित हैं। हालांकि साल 2002 में हुए गोधरा दंगों का काला साया हमेशा उनके आभामंडल को फीका करता रहता है लेकिन ये मोदी की कुशल राजनीति और प्रशाकीय क्षमता ही है जो उन्हे हर बार इस काले नाग के जहर से बचा ले जाती है। अमेरिका ने मोदी का वीजा रद्द कर दिया था।
खुलासे के मुताबिक साल 2006 में मुंबई में अमेरिका के कांसुल जनरल माइकल ओवन ने अमेरिका में सूचना भेजी कि वह मोदी के राष्ट्रीय नेता के रूप में उभरने से कितने चिंतित ते कि एक बार जिस नेता का वीजा मानवाधिकार हनन के लिए रद्द कर दिया गया हो उससे दोबोरा संपर्क बढ़ाना अमेरिका को अवसरवादी सिद्ध कर सकता है।
इसके अलावा जब माकल ने एक बार मोदी को मानवाधिकार मसले पर साधे चेताना चाहा, मोदी ने भी उन्हे साफ शब्दों में कह दिया कि इस मामले में अमेरिका का रिकॉर्ड खुद ही तना खराब है कि वह गुजरात के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश ना ही करे तो अच्छा है। मोदी ने अमेरिका के ग्वांतोनामों, ट्रेड सेंटर हमले के बाद सिखों पर हुए हमलों और अन्य नस्लीय भेद-भाव की ओर
ध्यान दिलाते हुए माइकल के कान खींचे।













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