'केंद्र सरकार ने बचाया टैक्‍स चोर हसन अली को'

Hasan Ali
लखनऊ। भारतीय कयुनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने आज आरोप लगाया कि सरकार, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने काले धन को विदेशी बैंक में जमा करने के आरोपी हसन अली को जानबूझकर बचाया ताकि विदेश में कालाधन जमा करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की दिशा में आगे न बढ़ा जा सके।

राजधानी लखनऊ में भाकपा महासचिव एबी वद्र्धन ने आरोप लगाया कि ईडी ने स्विटजरलैंड के यूबीएस बैंक में आठ अरब डालर का काला धन जमा करने और विदेश में गैरकानूनी लेन-देन के आरोपी हसन अली के खिलाफ जानबूझकर मजबूत मामला नहीं बनाया, जिससे उसे जमानत मिल गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल करके अली के लिए रास्ता बनाया ताकि भविष्‍य में काला धन के अन्य बड़े खातेदारों के खिलाफ कार्रवाई की दिशा आगे न बढ़ा जा सके।

मालूम हो कि गत 11 मार्च को मुबई की एक अदालत ने हसन अली को दो निजी मुचलकों पर जमानत दे दी थी। मुय सत्र न्यायाधीश एम. एल. टाहिलियानी का कहना था कि ईडी ने अली के खिलाफ कोई भी ठोस सुबूत पेश नहीं किया। वद्र्धन ने आरोप लगाया कि सरकार विदेश में जमा 72 लाा करोड़ रुपए का कालाधन वापस नहीं लाने के लिए बहानेबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि संसद और विधान सभाओं की भूमिका को कम किया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है।

वामपंथी नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बजट सत्र महज सात बैठकों में खत्म कर दिया गया। इसी तरह अब संसद की कार्यवाही जो करीब 100 दिन चलनी चाहिए, उसकी अवधि अब घटाकर आधी कर दी गई है। वद्र्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त के पद पर पी. जे. थामस की नियुक्ति का दोष अपने मातहतों पर मढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा सवाल है कि आखिर प्रधानमंत्री ने दागी व्यक्ति को जानबूझकर सीवीसी के पद पर बैठाने की जांच क्यों की। भाकपा महासचिव ने कहा कि हाल में पेश केन्द्रीय बजट पूरी तरह कारपोरेट घरानों के हितों को ध्यान में राकर बनाया गया है और उन्हें अतिरिक्त रियायतें देने के लिए आम जनता को मिलने वाली सब्सिडी में कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा कानून पारित करने की बात कर रही है, लेकिन अभी तक उसका खाका तक सामने नहीं आया है और इस मामले पर तथाकथित राष्ट्रीय सलाहकार समिति और सरकार के बीच 'फुटबाल का खेल' चल रहा है।

भाकपा महासचिव ने कहा कि पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में होने वाले विधानसाभा चुनावों के लिए वाम दलों ने अच्छी तैयारी की है और आगामी चुनाव में इसका असर दिखाई देगा। खासकर पश्चिम बंगाल और केरल में बहुत कड़ा मुकाबला होगा।

वहीं पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे की कामयाबी की साभावनाओं के बारे में वद्र्धन ने कहा कि इस राज्य की मौजूदा वाम सरकार ने अपने कार्यकाल में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं और जनता इस बदलाव को महसूस कर रही है। वद्र्धन ने उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार पुलिस का इस्तेमाल करके जनता के संवैधानिक और राजनीतिक अधिकारों का हनन कर रही है और भाकपा प्रदेश में जल्द ही महंगाई, भ्रष्‍टाचार, बेरोजगारी तथा संवैधानिक अधिकारों के हनन के मुद्दों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।

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