बसपा-भाजपा ने सपा आन्दोलन को बताया 'फ्लाप शो'
लेकिन राज्य सरकार के कड़े इन्तजाम के चलते पूरे प्रदेश में अमन-चैन कायम रहा और सभी सरकारी कामकाज सामान्य ढंग से चलते रहे। उन्होंने कहा कि आज 2327 सपा कार्यकर्ताओं ने स्वेच्छा से गिरफ्तारी देते हुए बताया कि सपा नेतृत्व के दबाव एवं टिकट के लालच के कारण उन्हें सड़क पर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
श्री मौर्य ने कहा कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव किसी भी तरह सत्ता हासिल करना चाहते हैं, लेकिन वे जानते हैं कि यूपी में अपनी पार्टी के सिमटते जनाधार की वजह से यहां उनकी दाल नहीं गलेगी। यही कारण है कि आंदोलन को फेल होता देख ड्रामेबाजी करने के बाद सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश यादव, जो सपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके हाल पर छोड़कर दिल्ली भाग गए।
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बसपा के प्रदेश की अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतरीन है और राज्य में तेजी से विकास हो रहा है। ऐसी स्थिति में सपा नेताओं को जनता को यह बताना चाहिए कि आन्दोलन के नाम पर उनकी पार्टी आम जन-जीवन को क्यों प्रभावित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बसपा सरकार कानून-व्यवस्था के मामले में कोई समझौता नहीं करती।
जबकि वहीं सपा के प्रदेश व्यापी प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का जन समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। आन्दोलन को अविश्वसनीय करार देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं विधान परिषद सदस्य हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि सपा जिस सरकार का विरोध किया है वे उसी को समर्थन दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सपा महंगाई के खिलाफ सड़क पर उतर रही है जबकि महंगाई के लिए जिमेदार केन्द्र सरकार को समर्थन भी दे रहे हैं। ऐसे में यह किस प्रकार मान लिया जाए कि उनका आन्दोलन जनता के हितों को पूरा करने के लिए है। पिछले कई महीनों में समाजवादी पार्टी ने केन्द्र पर कई आरोप लगाए लेकिन वे उसी सरकार को बचाने का वायदा भी करती है।













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