वरुण-यामिनी का विवाह संपन्न, नहीं पहुंची बड़ी मां

वरुण-यामिनी की शादी हनुमानघाट इलाके स्थित कामकोटेश्वर मंदिर में परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ वैदिक मंत्रोचार के साथ हुई। वरुण और यामिनी 108 शंखों के अनुगूंज के बीच एक दूसरे को खास साज सज्जा के साथ बनाये गये कल्याण मंडल में जयमाला डालीं। शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की अगुवाई में पुरोहितों व पंडितों के एक समूह ने विवाह सम्पन्न कराया।
बनारस के स्वादिष्ट नमकीन और भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां के भतीजे उस्ताद अली अब्बास खां की शहनाई देश के सर्वाधिक महत्वपूर्ण राजनीतिक नेह गांधी परिवार के वरूण गांधी की कल यहां होने वाली शादी में मेहमानों का स्वागत करेंगे। इस मौके पर मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया। सजावट के लिए कोलकाता और गुजरात से फूल मंगाए गए थे। पंडाल गुजरात के कारीगरों ने सजाया।
वरुण गांधी इस दौरान कुर्ता-धोती पहने हुए थे वहीं यामिनी गुलाबी रंग की साड़ी में नजर आईं। कहा जा रहा है यह साड़ी इंदिरा गांधी ने मेनका को दी थी। वरुण-यामिनी की शादी में दोनों परिवारों के करीब 30-35 रिश्तेदार और करीबी लोग शामिल हुए। शादी में सोनिया के परिवार से कोई शामिल नहीं हुआ।
वरुण की चचेरी बहन प्रियंका वढेरा और उनके पति राबर्ट बढ़ेरा के शादी में शामिल होने की सम्भावना थी, लेकिन वह भी नहीं आये। हालांकि खबर है कि सोनिया गांधी ने फोन करके वरुण को बधाई दी।
इस बहुचर्चित शादी के मद्देनजर इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कामकोटेश्वर मंदिर और इसके आस-पास जिला पुलिस के साथ पीएसी के जवानों की तैनाती की गई थी।












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