तमिलनाडु में चुनावी समीकरण पर उलझे कांग्रेस-डीएमके
इसी आधार पर डीएमके ने इस बार सबसे पहले कांग्रेस को 51 सीट देने की पेशकश रखा, फिर 53, इसके बाद 55 और आखिरकार 60सीट देने के लिए मान गई इसके बावजूद कांग्रेस और सीटों की मांग कर रही है। कांग्रेस को अब 63 सीटें चाहिए लेकिन डीएमके अब इस समीकरण पर बुरी तरह उलझ गई है। कांग्रेस को 63 सीटें देने के बाद खुद डीएमके के लिए 117 सीटें बच रही हैं जोकि विधानसभा की कुल सीटों की ठीक आधी हैं। इस तरह का खतरा उठाने को डीएमके तैयार नहीं है।
अब इस चुनावी समीकरण को सुलझाने के लिए डाएमके नेता टीआर बालू खुद प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से बात-चीत करने पहुंचे हैं। डाएमके इसे पक्षपातपूर्ण बता रही है और दिन ब दिन बढ़ती इस भूख के आगे अब समर्पण करने के लिए तैयार नहीं है। कांग्रेस की इस मांग की हालिया वजह डीएमके का छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन बताया जा रहा है।
डीएमके ने इन चुनावों के लिए कई छोटी पार्टियों से गठबंधन किया है। इसमें केएमके को 7, एमएमके को 1, वीसीके को 10, पीएमके को 31 सीटें देकर डीएमके का उनके साथ गठबंधन करना कांग्रेस को रास नहीं आ रहा है। इसलिए कांग्रेस ने ये नई मांग रखी है। वैसे स च तो यह है कि डीएमके के मंत्री राजा ने जितनी बड़ी परेशानी केंद्र सरकार के सामने खड़ी की है, उस हिसाब से कांग्रेस की ये मांग ऊंट के मुंह में जीरा ही है। आप क्या सोचते हैं, अपनी राय नीचे बने कमेंट बॉक्स में दर्ज करें -













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