विधायक की गिरफ्तारी मायावती की नई चाल: रीता बहुगुणा जोशी

फैजाबाद जनपद के बीकापुर सीट से बसपा विधायक जितेन्द्र सिंह बबलू और राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त लाल बहादुर शास्त्री गन्ना संस्थान के के अध्यक्ष एसएम आब्दी उर्फ बाबी की गिरफ्तारी से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई है। हालांकि इन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सीबीसीआईडी ने 2 साल लगा दिये जबकि घटना के साक्ष्यों और अभियुक्तों का नाम मीडिया ने पहले हर पुख्ते सबूतों साथ उजागर कर दिया था।
कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा ने शुक्रवार को कहा कि दोनों नेताओं की गिरफ्तारी बसपा सरकार द्वारा सुनियोजित थी और एक मात्र एक दिखावा है। इतने दिन से बसपा सरकार क्या सो रही थी।
पुलिसिया जांच की बात करें तो इस संबंध में जानकारी देते हुए एडीजी लॉ एंड आर्डर उत्तर प्रदेश बृज लाल ने बताया कि इस संबंध में जांच पूरी नहीं हुई हैं और सिर्फ महत्वपूर्ण सुराग मिलने के कारण दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों के ऊपर आगजनी, तोड़फोड़ और बलवा का आरोप है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कार्यलय से चंद कदम की दूरी पर काग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का घर है। 15 जुलाई 2009 की रात उनके घर पर आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी। इस मामले की रिपोर्ट हुसैनगंज कोतवाली में दर्ज करायी गयी थी। प्रारम्भिक छानबीन के बाद मामले को सीबीसीआईडी को सौंप दी गयी थी जिसमें दोनों को दोषी पाया गया।
घटना क्रम पर एक नजर
15 जुलाई 2009 की रात लगभग 9 बजे, मुख्यमत्री आवास से चंद कदम की दूरी पर स्थित कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का घर अचानक धूं-धूं करके जलने लगा। दर्जनों की संख्या में लोग गैलेन में पेट्रोल लेकर घर के बाहर से दीवारों पर फेंक रहे थे। घर से फायर स्टेशन का रास्ता 5 मीनट का था मगर फायर सर्विस की गाड़ी 45 मीनट बाद मौके पर पहुंची।
तत्कालीन सीओ हजरतगंज भवान सिंह गरब्याल और एसपी पूर्वी हरीश कुमार के सामने से अभियुक्त नारेबाजी करते मौके से फरार होने में कामयाब हो गये। एक न्यूज चैनल ने तो पुलिसकर्मियों के मिली भगत को भी उजागर कर दिया।












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