उत्तर प्रदेश की बस सेवाएं ठप करने की धमकी
परिवहन निगम कर्मचारी चेतना संघर्ष मंच के बैनर के तले सैकड़ों कर्मचारी परिवहन के प्रदेश मुख्यालय में जुट गये और धरने पर बैठ कर सभा की। सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश रोडवेज मजदूर संघ के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि परिवहन निगम के निजीकरण व 267 बस स्टेशनों को लीज पर दिये जाने की नीति को रद्द किया जाये। कैसरबाग व अवध डीपों की जमीन को निजी हाथों में बेचने व कब्जा देने की कार्यवाही को तत्काल रोका जाये। परिवहन कर्मियों की सेवानिवृत्त आयु 60 वर्ष की जाये। निकाले गये संविदा कर्मियों की बहाली की जाये।
छठे वेतनमान का बकाया जनवरी 2006 से दिया जाये। इस अवधि में सेवानिवृत्त हुए कर्मियों को छठें वेतन आयोग का लाभ मिलना सुनिश्चित होना चाहिये। सभा को संबोधित करते हुए यूपी रोडवेज संविदा कर्मचारी संघर्ष मार्चा के अध्यक्ष जय प्रकाश लाल श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीयकृत मार्गों में निजी बसों की डग्गामारी समाप्त की जाये। उन्होंने कहा कि कर्मियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो संगठन आंदोलन तेज का प्रदेश व्यापी चक्का जाम करने को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस दौरान संगठन के कर्मियों ने परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को संबोधित 15 सूत्री ज्ञापन महाप्रबंधक श्रमकल्याण आलोक सक्सेना को सौपा। धरने पर बैठने वालों में श्रमिक समाज कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमर सिंह, सेंट्रल रीजनल वर्कशाप संघ के प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोकी ब्यास, उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन चालक संगठन के महामंत्री धर्मदेव,उत्तर प्रदेश परिवहन श्रमिक संघ के अध्यक्ष जीतराम समेत सैकड़ों कर्मचारी शामिल थे।













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