लंदन स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स के निदेशक ने इस्तीफा दिया
ऐसे माहौल में गद्दाफी के समर्थकों और दोस्तों को भी भारी दिक्कतों का समना करना पड़ रहा है। इस क्रम में सबसे पहले लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स (एलएसई) के निदेशक को अपनी गलती मान कर पद से इस्तीफा देना पड़ा है। तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमएससी और पीएचडी की डिग्री ली हैं। एलएसई के निदेशक हॉवर्ड डेविस ने कहा कि उनके गद्दाफी के संपर्कों से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची है, इसलिए मैने इस्तीफा दिया है।
हॉवर्ड डेविस ने कहा है कि गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम द्वारा संचालित संस्था से अनुसंधान के लिए 300,000 पाउंड (500,000 डॉलर) का अनुदान स्वीकार करने के निर्णय का उल्टा असर हुआ है। डेविस ने लीबिया सरकार को वित्तीय सुधारों के बारे में सलाह देने के लिए किए गए लीबिया दौरे के लिए भी खेद प्रकट किया है। वित्तीय सेवा प्राधिकरण के पूर्व प्रमुख और बैंक ऑफ इंग्लैंड के डिप्टी गवर्नर डेविस ने इसे निर्णय लेने में हुई एक 'निजी भूल' करार दिया है। डेविस ने कहा कि सैफ से धन स्वीकार करने का निर्णय एक भूल साबित हुई है।
डेविस ने कहा, "मैंने निष्कर्ष निकाला है कि मेरे लिए इस्तीफा देना उचित होगा। यद्यपि मैं यह भी जानता हूं कि इससे संस्थान को कठिनाई होगी, उस संस्थान को जिससे मैं प्यार करता रहा हूं। थोड़े में कहें तो मैं स्कूल की प्रतिष्ठा के लिए जिम्मेदार हूं और उसे क्षति पहुंची है।" डेविस ने कहा है, "मैंने आर्थिक दूत बनने के लिए ब्रिटिश सरकार का निमंत्रण स्वीकार कर तथा उसके बाद लीबिया के सम्प्रभु सम्पत्ति निधि को सुझाव देने का निमंत्रण स्वीकार कर, निजी भूल की थी।" एलएसई के संचालक मंडल के अध्यक्ष पीटर सूथरलैंड ने कहा है कि डेविस एक उत्कृष्ट निदेशक रहे हैं।
दूसरी ओर एलएसई परिषद ने लीबिया और सैफ के साथ विश्वविद्यालय के सम्बंध की जांच शुरू की है। परिषद भविष्य के अनुदानों के लिए दिर्शानिर्देश भी निर्धारित करेगी। इंग्लैंड एवं वेल्स के पूर्व लॉर्ड चीफ जस्टिस और काउंसिल ऑफ युनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के पूर्व अध्यक्ष, लॉर्ड वूल्फ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।













Click it and Unblock the Notifications