गरीब देशों को भुगतान में देरी निराशाजनक : रमेश
नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने विकसित देशों द्वारा गरीब देशों को किए जाने वाले भुगतान में हुई देरी को 'सबसे बड़ी निराशा' और 'भरोसे के साथ धोखा' करार दिया। उन्होंने रविवार को कहा कि इससे अगले वर्ष डरबन में जलवायु परिवर्तन पर होने वाली वार्ता पर 'संदेह और अविश्वास के बादल' छाए रहेंगे।
बेसिक देशों ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत और चीन के पर्यावरण मंत्रियों की छठी बैठक के बाद रमेश ने पत्रकारों को बताया, "कोपेनहेगन समझौता हुए 14 महीनों का समय बीत गया है लेकिन फास्ट फाइनेंस ट्रैक विंडो के तहत गरीब देशों को भुगतान न किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।"
उन्होंने कहा, "विकासशील देश जब तक यह देख नहीं लेते कि उन्हें भुगतान हो रहा है तब तक डरबन में होने वाली बैठक में संदेह और अविश्वास के बादल छाए रहेंगे।"
माना जाता है कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर विकसित देश वर्ष 2012 तक अल्प विकसित देशों और छोटे द्वीपों को 30 अरब डॉलर की वित्तीय मदद देंगे।
रमेश ने कहा, "यह भुगतान अभी तक दहाई की संख्या भी पार नहीं कर पाया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications