लीबिया में तेल क्षेत्रों पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा (राउंडअप)

इसके साथ ही अरब देशों में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। ओमान में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में दो लोग मारे गए हैं। क्रोएशिया की राजधानी जगरेब में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बहरीन के सुल्तान ने नागरिकों को शिकायतें दूर करने के लिए मंत्रिमंडल में बदलाव किए हैं।

लीबिया में गद्दाफी की सेनाओं द्वारा प्रदर्शनकारियों का क्रूरता पूर्वक दमन करने पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने उस पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि गद्दाफी को अब इस्तीफा दे देना चाहिए। जबकि भारत ने यूएनएससी द्वारा लीबिया पर लगाए गए प्रतिबंधों का समर्थन किया है।

मिसूराता पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा :

लीबिया में प्रदर्शनकारियों ने राजधानी त्रिपोली से करीब 200 किलोमीटर पूर्व मिसूराता शहर पर नियंत्रण कर लिया है। एक स्थानीय निवासी ने समाचार चैनल 'अल जजीरा' को बताया कि गद्दाफी की सेना शहर छोड़कर भाग गई है।

समाचार एजेंसी डीपीए ने लंदन के समाचार पत्र अशर्क अल-अवसात के हवाले से बताया कि गद्दाफी की सेना का अब त्रिपोली के आधे हिस्से पर नियंत्रण है।

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि गत 14 फरवरी से शुरू हुए प्रदर्शन में गद्दाफी की सेना द्वारा 1000 से अधिक लोगों मारे गए हैं। बेनघाजी से शुरू हुआ प्रदर्शन अब त्रिपोली तक पहुंच गया है।

मीडिया रिपोर्टों में रविवार को बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने देश के ज्यादातर तेल के क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण कर लिया है।

समाचार पत्र 'सीएनएन' की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र में लीबिया के उप राजदूत इब्राहिम दब्बाशी ने संकेत दिया है कि पूर्व न्याय मंत्री मुस्तफा अब्दुल जलील के नेतृत्व में वह उनके साथी राजनयिक एक कार्यवाहक प्रशासन में सहयोग करेंगे।

त्रिपोली से 20 किलोमीटर दूर उसके मुख्य हवाई अड्डे पर हालत अत्यंत खराब है। लीबिया छोड़ने के इंतजार में हजारों की संख्या में लोग अस्थाई शिविरों में हैं।

लीबिया के प्रधानमंत्री बघदादी अल महमूदी ने सरकारी टलीविजन पर प्रत्येक परिवार को सरकार की ओर से 400 डॉलर देने की घोषणा की है। जबकि अमेरिका और ब्रिटेन ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए त्रिपोली स्थित अपने दूतावासों को बंद कर दिया है।

ओमान में प्रदर्शन, 2 मरे :

ओमान में राजनीतिक सुधारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में दो लोग मारे गए।

समाचार एजेंसी डीपीए ने चिकित्सा सूत्रों के हवाले से बताया कि सोहर के औद्योगिक शहर में प्रदर्शन करने के लिए शनिवार से करीब 2000 लोग जुटे थे। प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने गोलीबारी करने से पहले उन पर आंसू गैस के गोले दागे। इस गोलीबारी में दो लोग मारे गए।

क्रोएशिया में 30 घायल :

क्रोएशिया की राजधानी जगरेब में पुलिस और करीब 15,000 सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और 58 लोगों को हिरासत में लिया गया है। ये प्रदर्शनकारी जगरेब में एक रैली निकाल रहे थे।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने क्रोएशियाई समाचार एजेंसी एचआईएनए के हवाले से बताया है कि प्रदर्शनकारी युद्ध के प्रमुख लोगों के खिलाफ मुकदमा न चलाए जाने की मांग कर रहे थे।

इन प्रदर्शनकारियों में फुटबॉल समर्थकों के 'बैड ब्लू बॉयज' समूह के नकाबपोश सदस्य शामिल थे। ये प्रदर्शनकारी सेंट मार्क्‍स स्क्वेयर तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस से भिड़ गए। सेंट मार्क्‍स स्क्वेयर से ही यहां की सरकार संचालित होती है।

बहरीन के मंत्रिमंडल में बदलाव :

बहरीन के सुल्तान हमाद बिन इसा अल खलीफा ने देश के मौजूदा हालात में सुधार के लिए अपने मंत्रिमंडल में बदलाव किए हैं। बहरीन में प्रदर्शनकारी राजनीतिक सुधारों की मांग को लेकर केंद्रीय पर्ल चौक पर जमा हैं।

सुरक्षा परिषद का लीबिया पर प्रतिबंध :

यूएनएससी की शनिवार देर रात हुई बैठक में परिषद ने 15-0 से लीबिया के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को एकसुर से अपनी मंजूरी दी। परिषद में लीबिया को हाथियारों की आपूर्ति न करने, गद्दाफी के परिजनों एवं समर्थकों की संपत्तियों को जब्त और गद्दाफी की विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाने पर सहमति बनी है।

परिषद के सदस्यों ने कहा है कि वे चाहते हैं कि लीबिया में नागरिकों की हत्या तुरंत रोकी जाए।

सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने मांग की है कि लीबियाई नेता मुअम्मर गद्दाफी द्वारा की जा रही नागरिकों की हत्याओं पर रोक लगाने के लिए प्रतिबंधों को पूरी तरह क्रियान्वित किया जाए।

अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस सहित परिषद के कुछ सदस्यों ने गद्दाफी की सेना द्वारा की जा रही नागरिकों की हत्याओं के मामले को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय में भेजने सम्बंधी प्रस्ताव का पक्ष लिया। यह पहली बार हुआ है जब किसी भी देश के खिलाफ मुकदमे की अनुशंसा सर्वसम्मति से की गई है।

ओबामा ने कहा, गद्दाफी पद छोड़ें :

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल से कहा कि यह समय लीबिया के शासक मुअम्मार गद्दाफी के इस्तीफा देने का है।

शनिवार को जारी किए गए एक बयान के मुताबिक ओबामा ने मार्केल से टेलीफोन पर लीबिया की मौजूदा स्थितियों पर हुई बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की।

बयान में कहा गया, "राष्ट्रपति ने कहा कि जब कोई शासक किसी भी तरह से सत्ता में बने रहना चाहता है तो वह अपने लोगों के खिलाफ जनसंहार का सहारा लेता है। उन्होंने शासन करने के लिए अपनी वैधता खो दी है और उनका देश छोड़ देना ही देश के लिए ठीक होगा।"

लीबिया पर प्रतिबंधों का भारत ने किया समर्थन :

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा लीबिया के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों का तथा वहां के मौजूदा हालात को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय भेजे जाने के निर्णय का समर्थन किया है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि चूंकि भारत अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय का सदस्य नहीं है, लिहाजा उसे संयमित एवं क्रमिक दृष्टिकोण अपनाना होगा।

पुरी ने कहा, "हमने हालांकि यह महसूस किया कि अफ्रीका और मध्यपूर्व के हमारे सहयोगियों सहित परिषद के कई सदस्यों का मानना है कि इस मामले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में भेजने सम्बंधी निर्णय, हिंसा पर तत्काल विराम लगाने और शांति एवं स्थिरता कायम करने में मददगार साबित होगा।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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