500 से अधिक भारतीय नागरिक लीबिया से दिल्ली पहुंचे (लीड-2)
बोइंग 747 की पहली उड़ान 291 भारतीयों को लेकर शनिवार लगभग आधी रात को यहां पहुंची।
दूसरी उड़ान में एयरबस ए 330 में सवार होकर 237 भारतीय नागरिक लीबिया की राजधानी त्रिपोली से रविवार सुबह 4.10 बजे यहां पहुंचे।
विदेश राज्य मंत्री ई.अहमद और विदेश सचिव निरूपमा राव भारतीय नागरिकों की अगवानी के लिए हवाईअड्डे पर मौजूद थे।
एयर इंडिया की दो अन्य उड़ानें भी दिन में लीबिया के लिए प्रस्थान करने वाली हैं। ये दोनों उड़ानें भी वहां से 500 से अधिक भारतीय नागरिकों को लेकर वापस लौटेंगी।
दिल्ली पहुंचे एक यात्री ने कहा, "दिक्कत मुख्य रूप से त्रिपोली के बाहर है। हम लोग संकट में नहीं थे, लेकिन इस बात का भय तो था कि निकट भविष्य में यह संकट त्रिपोली में हम तक पहुंच सकता है।"
नागरिक ने कहा, "हम निजी कम्पनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए दूरवर्ती शिविरों में रहने वालों को लेकर चिंतित हैं।"
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "पहला विमान, बोइंग 747, 291 यात्रियों को त्रिपोली से लेकर यहां रात 11.55 बजे पहुंचा। इस विमान ने यहां से शाम 4.30 बजे लीबिया के लिए उड़ान भरा था।"
विमान को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे (आईजीआईए) के अंतर्राष्टीय टर्मिनल के बगल में टर्मिनल 2 पर लाया गया। इस टर्मिनल को फिलहाल हज यात्रा जैसे विशेष उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस टर्मिनल को दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) से पट्टे पर लिया गया है। डीआईएल ही हवाई अड्डे का संचालन करती है।
अहमद ने घोषणा की कि लीबिया से लौटने वाले सभी भारतीयों को उनके मूल स्थान तक पहुंचाने के लिए सरकारी खर्च पर सभी बंदोबस्त किए गए हैं।
अहमद ने कहा, "मंत्रालय ने यात्रियों के लिए सभी बंदोबस्त किए हैं.. आपको एक पैसा भी खर्च नहीं करना है।"
राव ने संवाददाताओं को बताया कि एयर इंडिया के विशेष विमानों से लीबिया से लौट रहे भारतीय नागरिकों की अगवानी करने के लिए वह हवाई अड्डे पर गई थीं। प्रवासी भारतीय मामलों के सचिव ए.दीदार सिंह भी अन्य कई अधिकारियों के साथ वहां मौजूद थे।
अधिकारियों ने कहा कि लौटने वाले भारतीय नागरिकों के लिए विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। उनके लिए भोजन के साथ ही टेलीफोन सेवा सुलभ कराई गई है, ताकि वे अपने परिजनों से सम्पर्क कर सकें।
इस बीच भारतीय नौसेना के तीन पोतों ने भी 18,000 भारतीयों को वहां से निकालने में मदद देने हेतु लीबिया के लिए प्रस्थान किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications