भारत टाइटेनियम स्पांज उत्पादकों के समूह में शामिल
ज्ञात हो कि अमेरिका, चीन, जापान और ब्रिटेन जैसे देशों के एक चुनिंदा समूह के पास ही वह प्रौद्योगिकी है, जिसके जरिए औद्योगिक स्तर पर टाइटेनियम स्पांज का उत्पादन किया जा सकता है।
टाइटेनियम और उसके मिश्रधातु का इस्तेमाल अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, आर्मर प्लेटिंग, नौसेना का पोत बनाने, मिसाइल और परमाणु विद्युत संयंत्रों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में किया जाता है।
इस महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी का विकास हैदराबाद स्थित रक्षा धातुकर्मीय अनुसंधान प्रयोगशाला (डीएमआरएल) में किया गया। इस परियोजना को वित्तीय सहायता, तिरुवनंतपुरम में स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) द्वारा मुहैया कराई जा रही है।
दुनिया में टाइटेनियम के भंडार के मामले में भारत का तीसरा स्थान है।
केरल मिनरल्स एंड मेटल्स लि. ने पहले ही अयस्क का खनन और उसे टाइटेनियम डाईआक्साइड में परविर्तन का कार्य व्यावसायिक स्तर पर शुरू कर दिया है। इसके बाद नई तकनीकी से टाइटेनियम डाईआक्साइड को टाइटेनियम स्पांज में परिवर्तित किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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