भारत 42 अरब डॉलर के रक्षा सौदों पर कर रहा है विचार
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और लेंखाकन कम्पनी केपीएमजी द्वारा किए गए एक संयुक्त अध्ययन के मुताबिक भारत पहले ही पिछले चार सालों में 25 अरब डॉलर के समझौतों पर हस्ताक्षर कर चुका है।
अध्ययन में कहा गया, "हमारे शोध में स्पष्ट हुआ है कि रक्षा मंत्रालय पिछले 48 महीनों में 24.66 अरब डॉलर के रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर कर चुका है और करीब 41.99 अरब डॉलर के सौदों पर विचार किया जा रहा है।"
भविष्य में खरीदारी के लिए सेना, वायुसेना और नौसेना बराबरी की भूमिका निभा सकते हैं। थल सेना और वायुसेना जहां 14 अरब डॉलर के सौदे कर सकती हैं वहीं नौसेना करीब 13 अरब डॉलर के रक्षा समझौते कर सकती है।
वर्ष 2007 के बाद से वायुसेना ने 17.46 अरब डॉलर के रक्षा उपकरणों की खरीदारी की है। थल सेना ने 42 करोड़ डॉलर और नौसेना ने 6.16 अरब डॉलर की खरीद की है।
रक्षा मंत्रालय अगले एक दशक में अपनी 13 लाख जवानों की विशाल सेना के लिए 100 अरब डॉलर की रक्षा खरीद कर सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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