सीबीआई ने शीर्ष बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया
आरोपियों में बैंक के पूर्व मुख्य प्रबंधक एस. एम. महाजन, पूर्व उप महाप्रबंधक एन. के. मेहता, वरिष्ठ प्रबंधक आर. के. छाबा, हिमाचल प्रदेश स्थित कम्पनी डीएस इंडस्ट्रीज के मालिक धीरज सिंह और उनकी पत्नी ममता चौधरी शामिल हैं।
सीबीआई ने अब तक महाजन और धीरज सिंह को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने रविवार को कहा, "बैंक के अधिकारियों ने इस साजिश को वर्ष 2005-09 के बीच अंजाम दिया। सार्वजनिक सेवा के कर्मचारी रहने के दौरान उन्होंने धीरज सिंह और उनकी पत्नी की मदद से धोखाधड़ी की।"
उन्होंने कहा, "बैंक द्वारा फर्जी कम्पनियों को जारी किए गए ऋणों से बैंक को 3.95 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह कम्पनियां आरोपी दम्पति ने बनाईं थीं।"
उन्होंने कहा, "बैंक के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक ने इस तथ्य को नजरअंदाज किया कि एशिया हिमालय ओवरसीज नाम की कम्पनी का लेखांकन पहले ही अनियमित है। साथ ही डीएस इंडस्ट्रीज की सम्पत्तियां पहले ही बैंक के पास गिरवी होने के बावजूद कम्पनी को 218 लाख रुपए नकद ऋण और 177 लाख रुपये सावधि ऋणों के रूप मे उपलब्ध कराए गए।"
सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि महाजन ने इस तथ्य को भी नजरअंदाज किया कि आरोपी ऋण प्राप्तकर्ता का नाम भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सतर्कता सूची में था।
सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि महाजन की पत्नी हिमाचल सार्वजनिक सेवा (एचसीएस) में अधिकारी हैं और वह शिमला में पदस्थ हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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