जोधपुर अस्पताल के 2 कर्मचारी निलम्बित
गहलोत ने रविवार तड़के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मन जारी कर महिलाओं की मौत के बारे में स्पष्टीकरण मांगा। वहीं दूषित दवा की वजह से चार अन्य प्रसूता महिलाओं की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में इंदौर की दवा निर्माता कम्पनियों 'पैरेन्टल सर्जिकल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' और 'अंशुल फर्मा' को तुरंत काली सूची में शामिल करने का आदेश दिया।
गहलोत ने इस मामले की छानबीन जोधपुर मंडलाआयुक्त द्वारा किए जाने और प्रत्येक पीड़िता के परिजनों को पांच लाख रुपये की मदद मुहैया कराने की भी घोषणा की।
इस बीच, शनिवार दोपहर बाद अत्यधिक रक्तास्राव की वजह से एक और महिला भावना धारु की मौत हो गई। इसके साथ ही मरने वाली महिलाओं की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। भावना को 20 फरवरी से महात्मा गांधी अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया था।
भावना को भी उम्मेद अस्पताल में दूषित दवा दी गई थी। परिजनों ने अस्पतालकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब तीन घंटे तक महिला का शव नहीं उठाया।
एक वरिष्ठ चिकित्साधिकारी ने बताया, "मुख्यमंत्री ने दवा निरीक्षक एवं उम्मेद सिंह अस्पताल के स्टोरकीपर को निलम्बित करने का आदेश दिया है। उन्होंने इस मामले में मंडलीय दंडाधिकारी को 15 दिनों के भीतर अपनी रपट सौंपने को कहा है। केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला कोलकाता की रिपोर्ट आने के बाद आगे कोई कदम उठाया जाएगा।"
मुख्यमंत्री ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी की छानबीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंप दी। उम्मेद अस्पताल के अधीक्षक ने इस सिलसिले में मामला दर्ज कराया था।
बैठक के दौरान राज्य स्वास्थ्य मंत्री राजकुमार शर्मा, मुख्य सचिव एस.अहमद, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) सी.के. मैथ्यू और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मुख्य सचिव बी. एन. शर्मा सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।
उधर, दूषित दवा की वजह से चार अन्य प्रसूता महिलाओं की स्थिति नाजुक बनी हुई है। उन्हें उम्मेद अस्पताल और महात्मा गांधी अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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