रेल बजट 2011: ख़ास बातें

शुक्रवार को रेलवे मंत्री ममता बनर्जी ने संसद में वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए रेल बजट प्रस्तुत किया. इस बजट की सबसे ख़ास बात ये रही कि इस बार भी रेल भाड़े में को इजाफ़ा नहीं किया गया है.
इसके अलावा पश्चिम बंगाल, जहां ममता बनर्जी इस वर्ष होने विधानसभा चुनावों में वामपंथी मोर्चे को मात देने की कोशिश में हैं, का ख़ास ध्यान रखा गया है.
-रेल किराए में कोई वृद्धि नहीं, कई नई रेल गाड़ियां चलाने की घोषणा
-वरिष्ठ नागरिकों को किराए में 40 प्रतिशत रियायत
-रेल परिवारों को 14 लाख सीएफएल की मुफ्त आपूर्ति
-अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कोटा के बैकलॉग सहित
-प्रेस संवाददाताओं को परिवार सहित 50 प्रतिशत की रियायत बढ़ाकर साल में दो बार करने का प्रस्ताव
देश में 56 नई एक्सप्रेस, तीन नई शताब्दी और नौ दुरंतो ट्रेनें शुरू होंगी
-सिंगूर में मेट्रो कोच फैक्टरी स्थापित की जाएगी
-दार्जीलिंग में 'सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस इन सॉफ्टवेयर' स्थापित किया जाएगा
-यात्री गाड़ियों की रफ्तार 160-200 कि.मी. तक बढ़ाने के लिए जापान की सहायता से व्यावहारिकता अध्ययन करना
-अब तक का 57,630 करोड़ रुपए का सर्वाधिक परिव्यय
-डीजल उपकर 1,041 करोड़ रुपए
सार्वजनिक निजी भागीदारी/डब्ल्यूआईएस 1,776 करोड़ रुपए












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