शौरी ने कहा, राजा को सरकारी गवाह बन जाना चाहिए (लीड-1)
नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री अरूण शौरी ने शुक्रवार को कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कथित अनियमितता के लिए गिरफ्तार पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री ए.राजा को सरकारी गवाह बन जाना चाहिए।
ज्ञात हो कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शौरी से 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में शुक्रवार को लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की है।
सीबीआई मुख्यालय से बाहर आने के बाद शौरी ने ए.राजा का जिक्र करते हुए कहा, "राजा को सीबीआई का गवाह बन जाना चाहिए और राज खोलने चाहिए। उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया और मुख्य सवाल तो यह है कि पैसे किसने लिए, किसने सभी दूरसंचार कम्पनियों का पक्ष लिया, और इस घोटाले में शामिल अन्य लोग कौन हैं?"
शौरी ने सरकार पर राष्ट्र को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए संवाददाताओं से कहा, "जब यह सब कुछ हो रहा था, तो उस समय सरकार के वरिष्ठ लोग क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे? सरकार इस मुद्दे को पटरी से हटाना चाहती है।"
शौरी ने राजा पर निजी वित्तीय लाभों के लिए लम्बित कई लाइसेंस की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "कई सारे लाइसेंस लम्बित पड़े हुए थे, लेकिन राजा ने उन पर विचार नहीं किया, बल्कि नए आवेदन मंगाए। उन्होंने अपने पसंदीदा लोगों का पक्ष में नियमों को बदला।"
शौरी जनवरी 2003 और मई 2004 के बीच केंद्रीय संचार मंत्री थे। सीबीआई ने उनसे दूरसंचार संचालकों को 'पहले आओ पहले पाओ' की नीति के आधार पर लाइसेंस आवंटित करने में उनकी भूमिका के बारे में तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा लिए गए दूरसंचार नीति सम्बंधी अन्य निर्णयों के बारे में पूछताछ की है।
पूछताछ के लिए सीबीआई कार्यालय में प्रवेश करने से पूर्व शौरी ने वर्तमान संचार मंत्री कपिल सिब्बल पर हमला बोलते हुए कहा था, "मैं 2003 में संचार मंत्री बना था। मेरे पास 2001 के दस्तावेज हैं, जिनमें 'पहले आओ पहले पाओ' की नीति शामिल है। पत्रकार दस्तावेजों की पड़ताल नहीं करते, और कपिल जो कुछ कहते हैं, आप सभी उसका अनुसरण करने लगते हैं।"
शौरी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रुख के खिलाफ जाते हुए कहा कि उनका मानना है कि सीबीआई ईमानदार संगठन है। उन्होंने कहा, "मेरे विचार से सीबीआई एक ईमानदार संगठन है। मैं इस बात से बहुत खुश हूं कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले को अपने हाथों में लिया है।"
ज्ञात हो कि पूर्व संचार मंत्री राजा और पूर्व संचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा व राजा के निजी सचिव आर.के.चंदोलिया को सीबीआई ने दो फरवरी को 2जी घोटाले में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार कर लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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