रेल बजट: ममता ने गुनगुनाया लता का गीत
हरे बॉर्डर वाली सफेद साड़ी में बजट भाषण दे रहीं ममता बनर्जी जब रक्षा सेनाओं के सेवानिवृत्त कर्मियों को रेलवे में नौकरियां देने की घोषणा कर रही थीं तब लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उनसे खास तौर पर मांग की कि वह भाषण में शामिल खूबसूरत गीत की पक्तियां सुनाना न भूलें।
बनर्जी ने मुस्कराते हुए कहा, "पहले में यह पंक्तियां सुनाती हूं।"
बनर्जी ने कहा, "कोई सिख, कोई जाट मराठा, कोई गुरखा कोई मद्रासी, सरहद पर मरने वाला, हर वीर था भारतवासी।"
"जब घायल हुआ हिमालय, खतरे में पड़ी आजादी। जब तक थी सांस लड़े वो फिर अपनी लाश बिछा दी"
बनर्जी ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि लता मंगेशकर द्वारा इस गीत को सुनकर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भावुक हो गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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