मप्र के बजट में कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान (लीड-1)
भोपाल, 24 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री राघवजी द्वारा पेश किए गए वर्ष 2011-12 के घाटे के बजट में किसान, शिक्षा एवं स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया है। बजट में 50 फीसदी राशि गरीबों से सम्बंधित योजनाओं पर खर्च करने का संकल्प दोहराया गया है। बजट में कुल 7981 करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा बताया गया है।
आठवीं बार बजट पेश करने वाले राघवजी ने गुरुवार को विधानसभा में कुल 65845 करोड़ रुपये का बजट रखा। इसमें कृषि और उससे सम्बंधित क्षेत्रों में होने वाले व्यय में 32 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। वहीं पाला व शीतलहर से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण एक प्रतिशत की ब्याज दर पर दिए जाएंगे।
इसी तरह सरकार ने शिक्षा का लाभ हर वर्ग को देने के लिए बजट में इजाफा करते हुए इस बार 10,043 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए 1,474 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वही संविदा शिक्षकों के मानदेय में एक हजार रुपये का इजाफा किया गया है।
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं पर 2,639 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है जो पिछले वर्ष की तुलना में 41 प्रतिशत ज्यादा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सुविधाएं मुहैया कराने का भी संकल्प दोहराया गया है।
ऊर्जा के क्षेत्र में और सुधार लाने के लिए बजट में 5,169 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष से 65 प्रतिशत अधिक है। किसानों को सस्ती दर पर बिजली दिलाने का प्रावधान भी किया गया है।
बजट में भूमि की रजिस्ट्री पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क को साढ़े सात फीसदी से घटाकर पांच प्रतिशत करने का प्रावधान है। इसके अलावा खेल का बजट 15 करोड़ से बढ़ाकर 101 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
इस बार के बजट में दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं के करों में कोई वृद्धि नहीं की गई है, मगर पेट्रोलियम पदार्थो व रसोई गैस पर करों में कटौती न किए जाने से लोगों को कोई राहत नहीं मिलने वाली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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