यूपी विधानसभा में हंगामा, धक्का देकर बाहर निकाले गए विधायक

यूपी के बजट सत्र के पहले दिन राज्य में महापौर का चुनाव पार्षदों के माध्यम से कराने के बिल को पास कर दिया गया। इस पर अचानक हंगामा शुरू हो गया और देखते ही देखते 15 मिनट में 93 विभागों का बजट पास कर दिया गया। न कोई बहस हुई और न ही विपक्ष की राय ली गई। इसी पर कई विधायक बेमियादी धरने पर बैठ गए। हंगामा देर शाम तक चलता रहा। रात करीब आठ बजे पुलिस सदन में दाखिल हुई और विधायकों को घसीट कर, गोद में उठाकर और धक्के देकर विभान भन से बाहर निकाला।
विधायकों को सदन के बाहर किए जाने के बाद रात्रि 9 बजे जब कार्यवाही शुरू हुई तो एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया। रात्रि 12 बजे जब अन्य विधायकों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू हुई तो सपा का हंगामा फिर से शुरू हो गया। एक बार फिर सपा के विधायक जबरन विधान भवन में दाखिल हुए। हालात फिर से बिगड़े और पुलिस ने सपाईयों पर लाठीचार्ज कर दिया।
सपा नेताओं पर लाठीचार्ज
विधान भवन के अंदर जहां विधायकों का हंगामा चल रहा था, वहीं रात के करीब डेढ़ बजे सपा के सैंकड़ों कार्यकर्ता विधान भवन के बाहर एकत्र हो गए और घेराव शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने जब यातायात रोक कर जाम लगा दिया, तो पुलिस ने उन पर जमकर लाठियां भांजी।
कार्यकर्ता रात के दो बजे विक्रमादित्य मार्ग पर पहुंच गए और वहां जाम लगा दिया। यहां भी पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। लाठीचार्ज में चोट खाने वालों में महानगर अध्यक्ष सुशील दीक्षित, विजय सिंह, देवेन्द्र सिंह, बीर बहादुर सिंह, पार्षद सुरेश चौहान, मुकेश शुक्ला, दीपक रंजन, मुन्नी पाल, मो.हनीफ खान, प्रदीप शर्मा और मधुर अवस्थी भी शामिल थे।












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