लॉटरी घोटाला : विपक्ष ने अच्युतानंदन के बेटे को लपेटे में लिया
कांग्रेस विधायक वी.डी. सतीशन ने सदन में अच्युतानंदन पर आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य में चल रही लॉटरी माफिया की गतिविधियों की जांच सीबीआई से कराने की केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम से लिखित मांग महज दिखावे के लिए की।
सतीशन ने कहा, "केंद्री गृह मंत्री ने जवाब में आपको (अच्युतानंदन) पत्र लिखकर कहा था कि पहले मामला दर्ज कराएं, फिर जांच की मांग करें लेकिन आपको वह पत्र प्राप्त किए 55 दिन हो गए हैं, फिर भी आप इस मामले पर चुप हैं और अब यह स्पष्ट हो गया है कि आपका बेटा सीबीआई जांच में बाधक हैं।"
विपक्ष ने अच्युतानंदन पर यह आक्षेप भी किया कि वह इदामलयार भ्रष्टाचार मामले में मनमाफिक फैसले के लिए न्यायपालिका पर प्रभाव डाल रहे हैं।
अच्युतानंदन ने हालांकि लॉटरी मुद्दे से विपक्ष का ध्यान हटाने का प्रयास करते हुए इसके बदले हाल के कोझिकोड आइसक्रीम पार्लर सेक्सकांड में फंसे पूर्व मंत्री आर. बालाकृष्णन पिल्लै के मामले का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक वर्ष की कैद की पुष्टि किए जाने के बाद से पिल्लै जेल में हैं।
बहस के दौरान विपक्ष शोर-गुल मचाते हुए सात बार आसन के सामने आ गया और कोषागार पीठ ने विपक्ष को शांत किया।
मामले को शांत करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के. राधाकृष्णन ने एक घंटा के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी लेकिन कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी स्थिति वैसी ही रही। अध्यक्ष ने बाध्य होकर सूचीबद्ध कार्यो का निष्पादन कर पूरे दिन के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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