लीबिया संकट : भारतीय नागरिकों को निकालने की योजना
नई दिल्ली। लीबिया में बढ़ते प्रदर्शन और अशांति के मद्देनजर भारत सरकार वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए एक आपात योजना की तैयारी में है। इस बीच वहां हुए सड़क हादसे में एक भारतीय की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए।त्रिपोली स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि गत 19 फरवरी को हुई एक सड़क दुर्घटना में एक भारतीय की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए। दूतावास ने जोर देकर कहा कि भारतीय की मौत प्रदर्शन के दौरान हुई गोलीबारी में नहीं हुई।
भारतीय दूतावास ने विदेश मंत्रालय को भेजे अपने संदेश में कहा, "गत 19 फरवरी (शनिवार) की रात तीन भारतीयों का समूह कार द्वारा लीबिया के तोब्रुक शहर से मिस्र जाने का प्रयास कर रहा था।"दूतावास के मुताबिक, "इसी बीच उनकी कार की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में तीनों भारतीयों को गम्भीर चोटें आईं। घायलों को तोब्रुक स्थित अल वतनाम मेडिकल सेंटर में भर्ती किया गया। यहां भारतीय नर्स भी काम कर रही हैं।"
दूतावास के मुताबिक तमिलनाडु से संविदा पर यहां काम करने आया मुरुगैया की कथित रूप से सोमवार की मौत हुई।दूतावास ने यह स्पष्ट किया कि मीडिया रिपोर्टों में भारतीय नागरिक मुरुगैया की मौत की वजह गोलीबारी बताई गई है, जो गलत मालूम होती है।लीबिया में भारतीय राजदूत मणिमेकलाई ने समाचार चैनल 'सीएनएन आईबीएन' को बताया कि सरकार पीड़ित व्यक्ति के शव को वापस लाने में मदद करेगी। उन्होंने उन रिपोर्टों से इंकार किया कि जिसमें बताया गया है कि कुछ भारतीय एक मस्जिद में फंसे हैं।
ज्ञात हो कि लीबिया के ताजा घटनाक्रम पर नई दिल्ली बारीकी से नजर रख रहा है।विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने संसद के बाहर मंगलवार को पत्रकारों से बताया, "लीबिया के हालात पर विदेश मंत्रालय बारीकी से नजर रख रहा है और हम वहां अपने राजदूत के सम्पर्क में हैं। आपको यह सूचित करके मुझे खुशी हो रही है कि लीबिया में सभी भारतीय सुरक्षित हैं।"
उन्होंने कहा कि लीबिया स्थित भारतीय केंद्र यहां के नागरिकों से लगातार सम्पर्क में है और 'जो कुछ भी करने की जरूरत पड़ेगी उसे किया जाएगा।'जानकार सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्रालय अन्य मंत्रालयों के साथ समन्वय कर रहा है और स्थितियों के और बिगड़ने पर वहां मौजूद करीब 18000 भारतीयों के लिए हवाई जहाजों अथवा चिकित्सा दलों से युक्त एक जहाज भेजने को तैयार है।सूत्रों ने बताया कि हालांकि लीबिया से भारतीयों को निकालने की सरकार की तत्काल कोई योजना नहीं है और वह हालात पर नजर बनाए हुए है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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