गोधरा मामले में राजनीतिक कोशिशों से बरी हुए 63 आरोपी : तोगड़िया
तोगड़िया ने कहा कि जब तक सभी 94 षड्यंत्रकारियों को फांसी की सजा नहीं मिल जाती, तब तक यह नहीं माना जा सकता कि जिंदा जलाए गए 59 निर्दोषों को न्याय मिल गया है।
भोपाल दौरे पर आए तोगड़िया ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गोधरा कांड पर विहिप ने पहले ही कहा था कि यह जिहादियों की सुनियोजित षड्यंत्र है, जिसे न्यायालय ने भी स्वीकार किया है। इससे सत्य को स्वीकृति मिली है।
उन्होंने कहा, "न्यायालय के इस निर्णय का हम स्वागत करते हैं, मगर पूरे देश को दुख और गुस्सा के साथ बताना चाहता हूं कि 59 हिंदुओं को जिंदा जलाने वाले 63 जिहादियों को राजनीतिक कोशिशों से बचाया गया है।"
विहिप नेता ने गुजरात सरकार से मांग की है कि वह उमर सहित 63 लोगों को अहमदाबाद अदालत से बरी किए जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करे।
तोगड़िया ने बनर्जी आयोग और न्यायमूर्ति जैन पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से षड्यंत्रकारियों को बचाने की कोशिशें चल रही हैं। बनर्जी आयोग बनाकर यह बताना कि कारसेवक खुद जल मरे और न्यायमूर्ति द्वारा आरोपियों पर से पोटा हटाना क्या सजा न दिलाने की व्यवस्था करना नहीं है?
तोगड़िया ने कहा, "मीडिया से जुड़े कुछ लोगों ने भी जेहादियों को निर्दोष बताने की कोशिश की है।"
बेस्ट बेकरी और गोधरा कांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब हिंदू मारा जाता है, तब यह कोशिश होती है कि आरोपी को सजा न हो, इसका हरसंभव प्रयास होता है और इन्हीं कोशिशों के कारण मुल्ला उमर को बरी कर दिया गया है। इसके विपरीत जब मुसलमान मारा जाता है और हिंदू के खिलाफ साक्ष्य न भी हों, फिर भी तीस्ता शीतलवाड़ जैसी शख्सियत सर्वोच्च न्यायालय में फर्जी शपथपत्र देती है।
तोगड़िया ने कहा कि गोधरा कांड के 2000 से ज्यादा लोग चश्मदीद हैं, मगर बनर्जी आयोग और न्यायमूर्ति जैन के अलावा राजनीतिक केंद्रों ने मिलकर मुल्ला उमर सहित 63 लोगों को बचाया है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी 94 षड्यंत्रकारियों को फांसी की सजा नहीं मिल जाती, तब तक यह नहीं माना जा सकता है कि हिंदुओं को न्याय मिला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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