आईडिया सेल्युलर के शेयर में 4.52 फीसदी की गिरावट
कहा जा रहा है कि अक्टूबर 2008 में स्पाइस टेलीकॉम के अधिग्रहण में अनियमितता बरतने के कारण आईडिया पर 300 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने दूरसंचार विभाग से कहा है कि कानून के मुताबिक लाइसेंस हासिल करने वाली कम्पनी तीन साल तक हिस्सेदारी नहीं बेच सकती है, जिसका आईडिया और स्पाइस ने उल्लंघन किया है।
शुरुआती कारोबार में आईडिया सेल्युलर के शेयर 7.14 फीसदी गिरावट के साथ 58.50 रुपये पर कारोबार करते देखे गए। दैनिक करोबार की समाप्ति पर कम्पनी के शेयरों का भाव 4.84 फीसदी की गिरावट के साथ 59.95 रुपये पर बंद हुआ।
महाधिवक्ता ने विभाग से कहा है कि चूकि स्पाइस को जनवरी 2008 में ही लाइसेंस आवंटित किया जा चुका था। इसलिए इसलिए सेवा शुरू नहीं किये जाने के कारण स्पाइस का अधिग्रहण करने वाली आइडिया को 300 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाना चाहिए।
आईडिया और स्पाइस को 25 जनवरी, 2008 को क्रमश: दो और चार सर्किलों के लाइसेंस आवंटित किए गए थे, इसलिए दोनों कम्पनियां जनवरी 2011 तक विलय नहीं कर सकती थीं। आईडिया ने 2008 में स्पाइस कम्युनिकेशंस में बहुमत हिस्सेदारी खरीद ली थी।
कानून अधिकारी ने कहा कि कम्पनी ने एक ही सर्किल में दो कम्पनियों में 10 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी रखकर भी कानून का उल्लंघन किया है।
आईडिया ने एक बयान जारी कर हालांकि कानून का उल्लंघन करने के आरोप को खारिज किया है और कहा है कि दूरसंचार विभाग की अनुमति से विलय किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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