तेलंगाना छात्रों ने किया विधानसभा में घुसने का प्रयास (लीड-2)
हैदराबाद, 21 फरवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना समर्थक छात्रों ने सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बावजूद आंध्र प्रदेश विधानसभा में घुसने का प्रयास किया। राजधानी हैदराबाद में दिनभर हिंसक प्रदर्शन होते रहे। उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर के आसपास भी हिंसा जारी रही।
पुलिस ने विधानसभा में घुसने का प्रयास करने वाले उस्मानिया तथा तेलंगाना क्षेत्र के अन्य विश्वविद्यालयों के लगभग 100 छात्रों को गिरफ्तार किया। विधानसभा भवन में घुसने का प्रयास करने वालों में कई लड़कियां भी थीं, जिन पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया।
यह घटना जिस समय हुई, जब विधानसभा की कार्यवाही नहीं चल रही थी। पृथक तेलंगाना राज्य के मुद्दे को लेकर हंगामे के कारण कुछ ही देर पहले कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी।
विधानसभा परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था। विधानसभा को भी चारों तरफ से घेर लिया गया था। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती की वजह से विधानसभा भवन छावनी में तब्दील हो गया था। प्रदर्शकारी पृथक तेलंगाना राज्य गठन के लिए तुरंत कदम उठाए जाने की मांग कर रहे थे।
सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए छह छात्रों का एक समूह विधानसभा परिसर के मुख्यद्वार तक पहुंचने में कामयाब हो गया। छात्र 'जय तेलंगाना' के नारे लगा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उसी दौरान छात्रों का एक अन्य समूह आसपास के बगीचों को फांदते हुए विधानसभा परिसर में घुस गए।
ये छात्र विधान परिषद को जाने वाली सड़क पर बैठ गए और नारे लगाने लगे। पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज किया, फिर गिरफ्तार कर लिया।
उधर, विधानसभा से 10 किलोमीटर दूर उस्मानिया विश्वविद्यालय में छात्रों ने हिंसक प्रदर्शन किया जो पूरे दिन जारी रहा। सैकड़ों छात्र परिसर में डटे रहे और सरकार तथा पुलिस के खिलाफ नारे लगाते रहे। जुलूस निकालने से रोकने लिए सुरक्षाकर्मियों ने कई बार उन पर लाठी चार्ज किया और आसूगैस के गोले छोड़े।
विश्वविद्यालय परिसर के बाहर भी सोमवार को उग्र छात्रों ने हिंसक प्रदर्शन किया। उन्होंेने हैदराबाद के कई हिस्सों में रेलगाड़ियों में आग लगा दी, एक रेलवे स्टेशन पर लूटपाट की और पुलिस के साथ उलझ गए।
प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने हिंसक रूप अख्तियार करते हुए विश्वविद्यालयपरिसर के समीप स्थित जामिया उस्मानिया रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ी के कोच मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (एमएमटीएस) में आग लगा दी।
यह घटना तब हुई, जब विश्वविद्यालय परिसर में बेतरतीब ढंग से फैले सैकड़ों छात्रों की पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के साथ झड़प हो गई। परिसर से बाहर निकल रहे छात्रों को रोकने का प्रयास कर रही पुलिस पर छात्रों ने पथराव किया। जवाब में पुलिस ने लाठी चार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े।
प्रदर्शनकारियों के एक अन्य समूह ने नेकलेस रोड स्थित राजभवन के निकट एमएमटीएस रेलवे स्टेशन पर लूटपाट की। उन्होंने आरक्षण काउंटर में आग लगा दी, कम्यूटरोंे को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए।
इस घटना से कड़ी सुरक्षा वाले इलाके राजभवन के आसपास तनाव व्याप्त हो गया। पुलिस ने दुकानों को जबरन बंद करवा दिया और तेलंगाना समर्थक वकीलों के जुलूस को रोक दिया। प्रदर्शनकारी वकील राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन को ज्ञापन देना चाहते थे।
प्रदर्शनकारियों ने इसके बाद संसद में तेलंगाना राज्य के निर्माण के लिए विधेयक लाने की मांग को लेकर आंध्र प्रदेश विधानसभा की तरफ मार्च किया।
उस्मानिया विश्वविद्यालय संयुक्त कार्यसमिति (जेएसी) के आह्वान पर छात्रों के प्रदर्शन और तनाव को देखते हुए पुलिस ने विधानसभा के साथ लगती सड़कों को भी बंद कर दिया था। किसी को भी विधानसभा परिसर की ओर जाने वाली सड़कों से गुजरने की अनुमति नहीं थी, जिसकी वजह से वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहे। यहां तक कि पैदल चलने वालों को भी विधानसभा के आसपास की सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं थी।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। इसके बावजूद लड़कियों का एक समूह सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए विधानसभा भवन के पास पुलिस नियंत्रण कक्ष तक पहुंच गया। 'जय तेलंगाना' का नारा लगाते हुए लड़कियों ने विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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