आकाश गंगा में 50 अरब ग्रह
समाचार पत्र 'डेली मेल' ने रविवार को कहा है कि उन ग्रहों में से कोई 50 करोड़ ग्रह गोल्डीलॉक्स जोन के रूप में हैं, जहां का जलवायु न तो बहुत गरम और न तो बहुत ठंढा है, और वहां जीवन सम्भव हो सकता है।
ये संख्याएं साढ़े तीन साल के मिशन के बाद नासा के केपलर टेलीस्कोप से प्राप्त हुए शुरुआती परिणामों से निकाली गई हैं। इस मिशन पर लगभग 60 करोड़ डॉलर की लागत आई है।
केपलर विज्ञान प्रमुख विलियम बॉरुकी का कहना है कि वैज्ञानिकों ने उन ग्रहों की संख्याओं को लिया है, जिन्हें उन्होंने रात्रिकालीन आकाश के एक छोटे से हिस्से की तलाश के प्रथम वर्ष में पाया था, और उसके बाद उन्होंने एक आंकड़ा तैयार किया कि ग्रहों के पास कितने तारे हो सकते हैं। केपलर ने ग्रहों की पहचान की, क्योंकि वे पृथ्वी और तारों के बीच की कक्षा से होकर गुजरते हैं।
अभी तक केपलर ने 1,235 प्रतिनिधि ग्रह पाए हैं। इनमें से 54 गोल्डीलॉक्स जोन में हैं, जहां जीवन सम्भव हो सकता है।
केपलर का मुख्य मिशन किसी अकेली दुनिया के परीक्षण के लिए नहीं है, बल्कि खगोलशास्त्रियों को यह समझ प्रदान करने के लिए भी है कि कितने ग्रह हमारे आकाश गंगा में हो सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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