आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए क्या कदम उठाए: सर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। बहुचर्चित मिर्चपुर हिंसा मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र और हरियाणा सरकार से पूछा है कि जाट समुदाय के लोगों द्वारा 11 दिनों तक चलाए गए आंदोलन के दौरान जो आर्थिक नुकसान हुआ था उसकी भरपाई के लिए क्या कदम उठाए गए।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. एस. सिंघवी और अशोक कुमार गांगुली की दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि आंदोलन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार को संयुक्त तौर पर 33.45 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति झेलनी पड़ी थी।

रेलवे ने अदालत को बताया कि आंदोलन के दौरान रेल सेवाओं के बाधित होने और रेलगाड़ियों को दिल्ली-फिरोजाबाद रूट से चलाए जाने के कारण रेलवे को 33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

उधर, हरियाणा सरकार ने आकलन किया था कि आंदोलन के दौरान सड़कें अवरुद्ध किए जाने के कारण 45 लाख रुपये की क्षति हुई थी।

पिछले साल 21 अप्रैल को हिसार जिले के मिर्चपुर गांव में दलितों पर हुए हमलों में शामिल होने के कथित आरोप में जाट समुदाय के 98 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनकी गिरफ्तारी के बाद 'खाप पंचायतों' ने रेल और सड़क मार्ग अवरूद्ध करने का ऐलान किया था।

उल्लेखनीय है कि मिर्चपुर गांव में दलितों पर किए गए हमले में एक 70 वर्षीय व्यक्ति और उनकी 18 वर्षीया विकलांग पुत्री की उपद्रवियों द्वारा हत्या कर दी गई थी और उनका घर जला दिया गया था।

इस मामले की अगली सुनवाई सात मार्च को होनी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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