भ्रष्टाचार और महंगाई पर काबू पाएगी सरकार : राष्ट्रपति (लीड-1)
बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि महंगाई एक बड़ी समस्या है और सरकार इसे प्राथमिता से निपटेगी।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों का एक समूह विधायी और प्रशासनिक सहित सभी जरूरी कदमों पर विचार कर रहा है जिससे कि भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सके और पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
उन्होंने कहा, "सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र कंवेंशन को भी स्वीकार करने का फैसला किया है।"
पाटील ने काले धन पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सरकार समस्या से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "इसके लिए सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों (राज्य सरकारों की भी) को सतत प्रयास करने की जरूरत है। सरकार ने कानूनी ढांचे को मजबूत करने, नए संस्थानों को स्थापित करने और इस समस्या से निपटने के लिए क्षमता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।"
पाटील ने कहा, "सरकार, इस तरह के धन की पहचान करने और उसे वापस लाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, खासतौर से जी-20 के साथ मिलकर काम कर रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "मुद्रास्फीति की समस्या और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों और कश्मीर घाटी में हिंसा चिंता का विषय रहा है।" गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का समुचित लाभ उन तक नहीं पहुंचना भी चिंता का विषय है।
पाटील ने कहा कि मुखबिरों की सुरक्षा के लिए विधेयक पहले ही संसद में पेश किया जा चुका है। उन्होंने कहा, "मंत्री समूह एक सार्वजनिक खरीद नीति तैयार करने और सार्वजनिक खरीद मानक स्थापित करने, मंत्रियों के विवेकाधिकारों की समीक्षा करने और उसे समाप्त करने, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के लिए एक खुली एवं प्रतिस्पर्धी प्रणाली स्थापित करने, भ्रष्टाचार के आरोपी लोक सेवकों के खिलाफ मामलों को जल्द निपटाने तथा लोक सेवकों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए वर्तमान कानूनों में संशोधन करने सम्बंधी मुद्दों पर विचार करेगा।"
पाटील ने कहा कि सरकार, चुनावों के लिए सरकारी कोष मुहैया कराने पर भी विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधारों की गति बनाए रखने एवं देश में अधिक निवेश प्रोत्साहित करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने की अनुमति देना बंद कर दे, तो भारत उसके साथ अर्थपूर्ण बातचीत करने के लिए तैयार है।
पाटील ने दुनिया में कहीं भी लोकतंत्र के उदय का स्वागत करते हुए मिस्र में हाल में घटित हुईं ऐतिहासिक घटना का सोमवार को जिक्र किया।
उन्होंने कहा, "मिस्र में हाल में ऐतिहासिक घटनाएं घटी हैं। एक लोकतंत्र के रूप में हम दुनिया में हर जगह लोकतंत्र के उदय का स्वागत करते हैं।"
उन्होंने कहा कि नए साल में मध्य पूर्व अशांति के दौर से गुजर रहा है। भारत इस क्षेत्र के घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी हैं।
उन्होंने कहा, "हमारे लाखों नागरिक वर्तमान समय में खाड़ी एवं पश्चिम एशिया में काम करते हैं। दूसरे देशों में रहने वाले भारतीय अपने देश को मूल्यवान योगदान करते हैं और वे हमें गौरवान्वित करते हैं। सरकार प्रवासियों के कल्याण के लिए लगातार काम करती रहेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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