काले धन के मुद्दे से निपटा जाएगा : पाटील
पाटील ने बजट सत्र के प्रारम्भ में संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से सम्बोधित करते हुए कहा, "हाल के दिनों में काले धन के मुद्दे ने काफी ध्यान खींचा है, खासतौर से विदेशी बैंकों में कथितरूप से जमा धन ने। सरकार काले धन के कुप्रभाव को लेकर उपजी चिंता में पूरी तरह सहभागी है, चाहे वह काला धन आयकर चोरी के जरिए पैदा हुआ हो या अवैध गतिविधियों के जरिए।"
पाटील ने कहा कि सरकार इस समस्या से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "इसके लिए सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों (राज्य सरकारों की भी) को सतत प्रयास करने की जरूरत है। सरकार ने कानूनी ढाचे को मजबूत करने, नए संस्थानों को स्थापित करने और इस समस्या से निपटने के लिए क्षमता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।"
राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर इस समस्या के असर का परीक्षण करने के लिए तथा इस समस्या से निपटने के लिए एक उचित ढाचा सुझाने हेतु एक बहुविधि अध्ययन शुरू किया गया है।
पाटील ने कहा, "सरकार, इस तरह के धन की पहचान करने और उसे वापस लाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, खासतौर से जी-20 के साथ मिलकर काम कर रही है।"
पाटील ने कहा कि भारत आर्थिक धोखाधड़ी और कर चोरी विरोधी अपने उपायों के कारण अब वित्तीय कार्य बल का भी एक सदस्य है।
पाटील ने कहा, "भारत ने यूरेशियन समूह और वित्तीय ईमानदारी एवं आर्थिक विकास पर कार्य दल की भी सदस्यता हासिल कर ली है। सरकार ने उन देशों के साथ कर उद्देश्यों के लिए सूचना का आदान-प्रदान करने हेतु कदम उठाया है, जहां भारतीय नागरिकों का धन जमा हो सकता है।"
पाटील ने कहा कि शुरुआती परिणाम उत्साहवर्धक हैं। उन्होंने कहा, "इन कदमों के जरिए 34,601 करोड़ रुपये कर की अतिरिक्त उगाही हुई है और 48,784 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय पकड़ में आई है। सरकार भारत से सम्बंधित किसी भी पूंजी को वापस लाने तथा दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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