जेपीसी जांच के लिए तैयार हो सकती है सरकार (राउंडअप)
सूत्रों ने बताया है कि सरकार में जेपीसी के गठन के प्रारूप को लेकर अनौपचारिक चर्चा चल रही है। इसमें संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "सम्भावित जेपीसी में 21 सदस्य हो सकते हैं। कई मामले हैं जिनपर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। उसमें यह भी शामिल है कि किस सदन से कितने सदस्य रहेंगे।"
उन्होंने कहा कि इसमें सात राजनीतिक दलों के सदस्यों को शामिल किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेपीसी का गठन सिर्फ और सिर्फ 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले को लेकर होगा।
इस नेता ने बताया, "प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) यदि इसमें अन्य घोटालों को शामिल किए जाने की जिद करती है तो सरकार जेपीसी जांच से इंकार भी कर सकती है। यदि सभी घोटालों को शामिल कर लिया गया तो जांच दिशाहीन हो जाएगी।"
संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने भी इससे पहले संकेत दिया कि सरकार जेपीसी जांच को तैयार हो सकती है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितताओं की जांच के लिए जेपीसी के गठन पर निर्णय 'बुधवार से पहले' ले लिया जाएगा। संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है।
बंसल ने सत्र पूर्व आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, "जेपीसी पर कोई निर्णय अगले तीन-चार दिनों में ले लिया जाएगा। सरकार इस मुद्दे पर विपक्षी दलों से मशविरा कर रही है।"
बंसल ने इस बात का भी संकेत दिया कि यदि जेपीसी का गठन होता है तो वह केवल 2जी स्पेक्ट्रम मामले की ही जांच करेगी। वह राष्ट्रमंडल खेलों और आदर्श सोसायटी से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि वह विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठकें कर चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि सत्र बिना व्यवधान के चलेगा।
ज्ञात हो कि नौ नवम्बर से 13 दिसम्बर तक चला शीतकालीन सत्र, जेपीसी की मांग को लेकर विपक्ष के अड़ियल रुख और सरकार के अनवरत इंकार की भेंट चढ़ गया था। शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में कोई कामकाज नहीं हो सका था।
जेपीसी के गठन पर प्रश्नों के जवाब में बंसल ने कहा कि जेपीसी गठित करने का जो पिछला उदाहरण रहा है उसके अनुसार इसके गठन के लिए एक प्रस्ताव लाया जाता है। लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद इसे राज्यसभा में भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि नियम 193 के तहत प्रस्ताव लाने का प्रावधान है।
बंसल से जेपीसी के गठन में दलों के प्रतिनिधित्व के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी इसके बारे में कुछ कहना 'जल्दबाजी' होगी।
उन्होंने बताया कि बजट सत्र के दौरान सदन में पेश करने के लिए 32 विधेयकों की पहचान की गई है। इनमें प्रमुख रूप से कृषि जैव सुरक्षा विधेयक, भूमि अधिग्रहण (संशोधन) विधेयक और पुनर्वास विधेयक शामिल हैं।
बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ होगी। राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से सम्बोधित करेंगी। रेल बजट 25 फरवरी को पेश होगा तथा आम बजट 28 फरवरी को।
बजट सत्र दो चरणों में पूरा होगा। बीच में 16 मार्च से चार अप्रैल तक अवकाश रहेगा और 21 अप्रैल को सत्रावसान हो जाएगा।
बंसल ने कहा, "इस सत्र के दौरान सदन की 29 बैठकें होंगी। 17 बैठकें सत्र के पूर्वार्ध में और 12 उत्तरार्ध में। 35 विधेयकों सहित कुल 75 विषयों की पहचान की गई है, जिन्हें सत्र के दौरान सदन में पेश किया जाएगा।"
बजट सत्र में लोकपाल और खाद्य सुरक्षा विधेयक को पेश किए जाने का उल्लेख न करने पर बंसल ने कहा कि सरकार अभी इन विधेयकों पर काम कर रही है, खासकर लोकपाल विधेयक पर वह अंतर मंत्रालयी सलाह मशविरा कर रही है।
महिला आरक्षण विधेयक पर उन्होंने कहा कि सरकार इसे लोकसभा में पारित कराने का प्रयास करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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