लाली व शर्मा पर शुंगलू समिति की रिपोर्ट सीबीआई के हवाले (लीड-1)
शुंगलू समिति की रिपोर्ट में शर्मा के अलावा प्रसार भारती के मुख्य र्कायकारी अधिकारी (सीईओ) बी. एस. लाली पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली में अक्टूबर 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के प्रसारण के लिए भारी-भरकम बिल को मंजूरी दी थी। इसमें 135 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गई थी।
प्रधानमंत्री ने इसके अलावा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को दोनों अधिकारियों के खिलाफ दो सप्ताह के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट को सीबीआई के हवाले किए जाने के बाद जांच एजेंसी दोनों शीर्ष अधिकारियों से पूछताछ करेगी ओर उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है।
लाली को 29 दिसम्बर, 2010 को निलम्बित कर दिया गया था।
प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन की कम्पनी एसआईएस लाइव के उस दावे की समीक्षा करने के भी आदेश दिए हैं जिसमें उसने राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के सम्बंध में भुगतान न होने की बात कही है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि अत्यधिक भुगतान न हो इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा है कि यदि इस कम्पनी को अधिक भुगतान किया गया है तो इसे वापस लाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
शुंगलू समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन की इस कम्पनी को दिए गए प्रसारण अधिकार से करदाताओं को 135 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है और इसके लिए लाली और अरुण शर्मा को जिम्मेवार हैं।
पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक शुंगलू राष्ट्रमंडल खेलों में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित समिति के अध्यक्ष हैं।
खेलों के लिए हुए अन्य सौदों के मामलों में समिति की अन्य रिपोर्ट 31 मार्च तक सरकार को सौंपी जाएंगी।
शुंगलू समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट में मंगलवार को कहा था कि प्रसार भारती ने राष्ट्रमंडल खेल का ठेका मनमाने ढंग से आवंटित किया। इसमें दर की औचित्यता पर ध्यान नहीं दिया गया और परामर्श की परवाह नहीं की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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