उड़ीसा विधानसभा ने की जिलाधिकारी की रिहाई की अपील
राज्य के इस्पात और खनन मंत्री रघुनाथ मोहंती ने इस उद्देश्य से एक प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
प्रस्ताव में कहा गया कि सदन इस मामले को गंभीरता से लेता है। सदन सर्वसम्मति से समाचार माध्यमों से दोनों व्यक्तियों को छोड़ने की अपील करता है। यह सदन उनके परिजनों के साथ सहानुभूति व्यक्त करता है।
नक्सलियों ने बुधवार शाम मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा और कनिष्ठ अभियंता पबित्र मोहन माझी को अगवा कर लिया।
राज्य सरकार ने शुक्रवार को दो मानवाधिकार कार्यकर्ता और शिक्षाविद आर. एस. राव और हरगोपाल को नक्सलियों क कब्जे से अधिकारियों की सुरक्षित रिहाई के लिए मध्यस्थता करने का अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक लिखित बयान में कहा कि दोनों कार्यकर्ता जल्द ही भुवनेश्वर पहुंचने वाले हैं, जिसके बाद बातचीत शुरू की जा सकेगी।
पटनायक ने खुद भी नक्सलियों से दोनों अधिकारियों को नुकसान नहीं पहुंचाने का अनुरोध किया है।
नक्सलियों ने दोनों अधिकारियों को छोड़ने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। इन शर्तो में नक्सल विरोधी अभियान ऑपरेशन ग्रीन हंट को समाप्त करना, राजनीतिक कैदियों को रिहा करना और पुलिस हिरासत में मारे गए नक्सलियों के शुभचिंतकों के परिवार को मुआवजा देना शामिल है।
नक्सलियों ने शुरू में 48 घंटे की समय सीमा निर्धारित की थी, जो शुक्रवार शाम समाप्त हो गई।
शुक्रवार देर शाम से नक्सलियों के एक तथाकथित अधिकारी भास्कर ने समाचार माध्यमों से कहा कि समय सीमा को फिर से 48 घंटों के लिए बढ़ा दी गई है।
इसके कुछ घंटे पहले पटनायक ने नक्सलियों से समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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