त्रिपुरा में बर्ड फ्लू की चेतावनी
एक अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की सहायता के लिए शनिवार को केंद्र सरकार के दो दल त्रिपुरा पहुंच गए। दल में वैज्ञानिक और चिकित्सक शामिल हैं। वे स्थिति पर बराबर नजर रखे हुए हैं।
त्रिपुरा पशु संसाधन विकास विभाग (एआरडीडी) के संयुक्त निदेशक ज्योतिर्मय चक्रबर्ती ने आईएएनएस को बताया, "हमने पश्चिमी त्रिपुरा जिले के प्रभावित इलाकों में 16 त्वरित प्रतिक्रिया दलों (आरआरटी) को तैनात किया है और अधिकारियों से कहा है कि वे हर जगह बर्ड फ्लू के प्रकोप के लक्षणों पर नजर रखें।"
पश्चिमी त्रिपुरा में अगरतला से 25 किलोमीटर उत्तर में स्थित राधा किशोर नगर सरकारी फार्म में बर्ड फ्लू के ताजा प्रकोप के बाद 3,000 से अधिक बतखों को शुक्रवार तक मार डाला गया था।
चक्रबर्ती ने कहा, "हम इस वायरस जनित रोग के फैलाव को रोकने के लिए आर.के.नगर फार्म से लगे तीन गांवों में 1,000 से अधिक बतखों और मुर्गियों को जल्द से जल्द मार डालेंगे।"
उत्तर प्रदेश में बरेली के इज्जतनगर स्थित पशु अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) से एक केंद्रीय दल और दूसरा दल गुवाहाटी स्थित पूर्वोत्तर क्षेत्र रोग निदान प्रयोगशाला (एनईआरडीडीएल) से, राज्य प्रशासन की सहाता करने के लिए त्रिपुरा पहुंच गया है।
चक्रबर्ती ने कहा, "त्रिपुरा सरकार ने राज्य भर में रेड अलर्ट घोषित कर दिया है और एआरडीडी के चिकित्सकों एवं अन्य अधिकारियों से कहा है कि पक्षियों की मौत पर बराबर नजर रखी जाए। जैसे ही किसी पक्षी की मौत हो, उसके नमूने तत्काल प्रयोगशालाओं को भेज दिए जाएं।"
चक्रबर्ती ने कहा, "सरकारी फार्म में कुछ बतखों के मरने के बाद हमने विभिन्न प्रयोगशालाओं में नमूने भेजे हैं। कोलकाता स्थित पूर्वी क्षेत्र रोग निदान प्रयोगशाला (ईआरडीडीएल) और भोपाल स्थित उच्च सुरक्षा पशु रोग प्रयोगशाला (एचएसएडीएल) ने इस बात की पुष्टि की है कि नमूने एवियन इन्फ्लूएंजा के एच5 स्ट्रेन के लिए सकारात्मक हैं।"
एआरडीडी के आयुक्त श्रीराम तरनीकांत के अनुसार 3,000 बतखों को मारने और हजारों अंडों, पक्षियों के चारे और अन्य सामग्रियों को नष्ट करने से लगभग 800,000 रुपये का नुकसान होगा।
एक अधिकारी ने कहा, "राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह 90 प्रतिशत लागत वहन करे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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