टीआरएस और तेदेपा के 5 विधायक निलम्बित (लीड-1)
विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू द्वारा एक प्रस्ताव लाए जाने के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष नदेनदला मनोहर ने पांचों विधायकों के निलम्बन की घोषणा की। इनमें तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के तीन और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के दो विधायक हैं।
विधायकों के निलम्बन के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। निलम्बित विधायकों ने सदन छोड़कर जाने से इंकार कर दिया। इस पर सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई।
बजट सत्र के पहले दिन गुरुवार को हुई घटना की निंदा के बाद टीआरएस विधायकों हरीश राव, के. समैया एवं विद्यासागर और तेदेपा के रेवंत रेड्डी एवं महिंदर रेड्डी के निलम्बन की घोषणा की गई।
ज्ञात हो कि गुरुवार को सदन में विधायकों ने अप्रत्याशित हंगामा किया। तेलंगाना क्षेत्र के टीआरएस और तेदेपा के विधायकों ने राज्यपाल से बदसलूकी की अभद्रतापूर्वक उनकी ओर बढ़े।
गुरुवार को विधायकों ने राज्यपाल को 'तेलंगाना विरोधी' बताते हुए माइक उखाड़ा, नरसिम्हन के हाथ से कागज छीना और उनके भाषण की प्रतियां फाड़ उन्हीं पर फेंक दी थीं। विधायकों ने राज्यपाल, उपाध्यक्ष और परिषद अध्यक्ष की कुर्सियां भी गिरा दीं।
विधायकों के निलम्बन पर प्रतिक्रिया देते हुए टीआरएस और तेदेपा के विधायकों ने राज्यपाल को वापस बुलाए जाने की मांग की है।
टीआरएस के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव के भतीजे और पार्टी के नेता हरीश राव ने राज्यपाल पर असंसदीय शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया और उपाध्यक्ष से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
तेदेपा के विधायक रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्यपाल के इशारे पर विधायकों का निलम्बन हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र के विधायकों के साथ राज्यपाल का विवाद था। उन्होंने राज्यपाल के इस्तीफे की मांग की।
उन्होने कहा, "राज्यपाल को इस्तीफा देना चाहिए और यदि वह इस्तीफा नहीं देते तो केंद्र सरकार को उन्हें पद से हटाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल को तेलंगाना के किसी क्षेत्र का दौरा नहीं करने देगी।
पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सदस्यों ने लगातार दूसरे दिन आंध्र प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही बाधित की।
टीआरएस सदस्यों की मांग है कि विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया जाए, जिसमें केंद्र सरकार से आग्रह किया जाए कि वह पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए संसद में विधेयक पेश करे। विधायकों के विरोध को देखते हुए सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
इसके पहले कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक मल्लु भट्टी विक्रमार्का ने गुरुवार को सदन में घटी घटनाओं में शामिल रहे सदस्यों के खिलाफ विशेषाधिकार का नोटिस दिया। उन्होंने गुरुवार की घटना को राज्य विधानसभा का काला दिन बताया। टीआरएस नेता हरीश राव ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के खिलाफ एक विशेषाधिकार का नोटिस देगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications