जेसिका मामले में मुकरे गवाहों के खिलाफ सुनवाई शुरू
यह मामला न्यायमूर्ति एस.रविंद्र भट्ट और न्यायमूर्ति जी.पी.मित्तल की खण्डपीठ के समक्ष सूचीबद्ध था।
सुनवाई के समय ये सभी 19 गवाह अदालत में मौजूद थे। इनमें अभिनेता श्यान मुंशी, बैलिस्टिक विशेषज्ञ रूप सिंह और प्रेम सागर के अलावा इलेक्ट्रीशियन शिवशंकर दास शामिल थे। हालांकि अदालत केवल पांच गवाहों की ओर से की गई बहसों को ही सुन सकी।
अदालत ने गवाहों के वकील को निर्देश दिया कि वह प्रत्येक मामले में पांच से सात पृष्ठों की संक्षिप्त टिप्पणी तैयार करें।
खण्डपीठ ने कहा, "हम इस मामले को जल्द पूरा करने में आपकी मदद चाहते हैं, इसलिए वकील को मात्र मामले के संजीदा हिस्से पर ध्यान देना चाहिए, जो कि मनु शर्मा को सजा मिलने के मामले में उनकी भूमिका को स्पष्ट करता है।"
खण्डपीठ ने कहा, "अपने दस्तावेजों के साथ अच्छी तरह तैयार होकर आइए ताकि हम कम समय लें। उन प्रत्येक गवाहों का अलग-अलग चार्ट बनाइए, जो मामले से मुक्त हो चुके अन्य गवाहों से सम्बंधित हैं।"
ज्ञात हो कि इस मामले में 32 प्रत्यक्षदर्शी थे, जो कि अपने बयान से मुकर चुके हैं। इनमें से तीन का निधन हो चुका है और 10 को मामले से मुक्त कर दिया गया है।
इस मामले में यह मोड़ तब आया है, जब दिल्ली पुलिस ने इसके पहले उच्च न्यायालय में अप्रैल 2010 में आए सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले की प्रति सौंपी, जिसमें हत्या के आरोपी मनु शर्मा की सजा को बरकरार रखा गया था।
मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च को होगी। पुलिस की ओर से पेश हुए अधिवक्ता पवन शर्मा ने गवाहों के खिलाफ मामला शुरू करने की मांग करते हुए अदालत को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने गवाहों के खिलाफ मामला समाप्त नहीं किया है और इसलिए उच्च न्यायालय को अब इस मामले की सुनवाई शुरू करनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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