लीबिया में विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 45 हुई
त्रिपोली/मास्को। लीबिया में गुरुवार को हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 45 हो गई है। इसके मद्देनजर लीबियाई सुरक्षा बलों को आशंका है कि शुक्रवार को और हिंसक विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं। समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार विपक्षी संगठनों ने इंटरनेट पर जानकारी दी है कि 41 वर्षो से देश पर शासन कर रहे मुअमर गद्दाफी के खिलाफ शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू होंगे।
ज्ञात हो कि गुरुवार को पूरे लीबिया में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक संघर्ष हुए थे। इन संघर्षो में 45 लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हो गए थे। विपक्ष ने इस दिन को 'आक्रोश दिवस' का नाम दिया था।इंटरनेट पर जारी किए गए वीडियो फूटेज में विभिन्न स्थलों पर पड़े कई युवकों के शव, तथा पूर्वी तटीय शहर तोबरुक में गद्दाफी की 'ग्रीन बुक' के सम्मान में बनाए गए एक स्मारक को ध्वस्त करते हुए दिखाया गया है।
गद्दाफी की 'ग्रीन बुक' पहली बार 1975 में प्रकाशित हुई थी। इसमें गद्दाफी ने लोकप्रिय समितियों के जरिए प्रत्यक्ष लोकतंत्र के अपने दर्शन का प्रतिपादन किया है। आलोचकों का कहना है कि वास्तव में गद्दाफी उन समितियों का इस्तेमाल राजनीतिक दमन के लिए करते हैं।इसके पहले समाचार एजेंसी 'अल-अरबिया' ने विपक्ष एवं गैर सरकारी संगठनों की वेबसाइट्स के हवाले से कहा था कि सुरक्षा बलों और क्रांतिकारी समिति के सदस्यों ने अल-बैदा शहर में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गुरुवार को गोलीबारी शुरू कर दी थी, जिसमें छह व्यक्तियों की मौत हो गई थी।
लेकिन जेनेवा स्थित मानवाधिकार संगठन, 'ूमन राइट्स सॉलिडरिटी ने मृतकों की संख्या 13 बताई थी। अल-बैदा में प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि इमारतों की छतों से कई लोगों ने गोलियां चलाई, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे।विपक्षी समाचार वेबसाइट 'लीबिया अल-यौम' ने भी कहा है कि उत्तर तटीय शहर दरनाह में गुरुवार को विशाल सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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