लीबिया में 10 मरे, यमन और इराक में प्रदर्शन (राउंडअप)

काहिरा/त्रिपोली/बगदाद/सना, 17 फरवरी (आईएएनएस)। ट्यूनीशिया और मिस्र के प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन से प्रेरित लोगों ने लीबिया, इराक और यमन में प्रदर्शन तेज कर दिया है। लंबे समय से सत्ता पर काबिज शासनाध्यत्रों के विरोध में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों से झड़प हुई। लीबिया में गुरुवार को हुए देशव्यापी प्रदर्शन के दौरान कम से कम 10 लोग मारे गए।

इराक के कुर्दिस्तान इलाके में गुरुवार को हुए प्रदर्शन में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई जबकि 20 से अधिक घायल हो गए। यमन की राजधानी सना में गुरुवार को सरकार समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 15 लोग घायल हुए।

लीबिया में 'डे ऑफ एंगर' :

ट्यूनीशिया और मिस्र के जनांदोलनों से प्रेरित प्रदर्शनकारियों ने लीबिया में 'डे ऑफ एंगर' का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारी मुअमर गद्दाफी के 41 वर्षो के शासन का अंत चाहते हैं। वे देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने, व्यवस्था में सुधार और लोकतंत्र की मांग कर रहे हैं।

लीबिया के दक्षिणी शहर जेंतान में हजारों लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया और सुरक्षा मुख्यालयों और पुलिस चौकियों को जला दिया। वे शहर के मध्य में शिविर लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी भूमध्य तट पर स्थित बेनगाजी में सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में छह प्रदर्शनकारी मारे गए लेकिन रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि प्रदर्शनकारी गुरुवार को हुए प्रदर्शन में मारे गए अथवा पहले।

बेनगाजी में मंगलवार रात पुलिस के साथ हुई झड़प में कम से कम 38 लोग घायल हुए। जबकि अधिकारियों का कहना है कि वे लोगों के किसी तरह के उन्माद को सहन नहीं करेंगे।

इराक में 20 घायल :

इराक के कुर्दिस्तान इलाके में गुरुवार को हुए प्रदर्शन में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई जबकि 20 से अधिक घायल हो गए। बगदाद से 330 किलोमीटर दूर सुलेमानिया शहर के अल-आरे चौक की गलियों में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सरकार से रोजगार और भ्रष्टाचार विरोधी कदम उठाने की मांग कर रहे थे।

एक सूत्र ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी (केडीपी) के कार्यालय पर पत्थर फेंके और भवन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन पर गोलियां चलाईं जिसमें कम से कम एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई जबकि 20 से अधिक घायल हुए।

उल्लेखनीय है कि सुलेमानिया इराकी राष्ट्रपति जलाल तलाबानी और उनकी पार्टी पेट्रियोटिक यूनियन ऑफ कुर्दिस्तान (पीयूके) का गढ़ है।

यमन में सरकार समर्थकों और प्रदर्शनकारियों में झड़प :

यमन की राजधानी सना में गुरुवार को सरकार समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 15 लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के खिलाफ अपना प्रदर्शन लगातार सातवें दिन गुरुवार को भी जारी रखा।

अदन शहर के दक्षिणी हिस्से में बुधवार को पुलिस के साथ हुई झड़प के दौरान गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई।

राष्ट्रपति सालेह के सत्ता छोड़ने की मांग को लेकर सना विश्वविद्यालय में करीब 500 सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। यहां उनकी सरकार समर्थकों के साथ हिंसक झड़प हुई। इसमें कम से कम 15 प्रदर्शनकारी घायल हुए।

बेरोजगारी, गिरती अर्थव्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने कहा, "लोग इस शासन का अंत चाहते हैं। लोग चाहते हैं कि राष्ट्रपति सालेह और उनके परिवार के सदस्य हट जाएं।"

एक प्रदर्शनकारी हमौद नाजी ने कहा, "अनियंत्रित भ्रष्टाचार देश को खोखला कर रहा है और इससे हम भी प्रभावित हो रहे हैं। यमन के लोग बदलाव चाहते हैं और इसके लिए क्रान्ति की आवश्यकता है।"

इससे पहले रविवार को विपक्षी गठबंधन के नेता सत्ताधारी पार्टी के साथ राष्ट्रीय वार्ता में शमिल होने और विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए राजी हो गए थे। लेकिन विपक्षी गठबंधन का कहना है कि इसके लिए सालेह को वर्ष 2013 मेंइस्तीफा देने का वादा करना होगा।

विपक्षी गठबंधन ने सेना के अलावा अन्य विभागों में शीर्ष पदों पर कायम राष्ट्रपति के परिवार के सदस्यों को हटाने की मांग की थी, जिसमें सालेह के पुत्र अहमद अली भी शामिल हैं। ऐसी सम्भावना है कि उन्हें अगला राष्ट्रपति बनाया जा सकता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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