संयुक्त राष्ट्र में सुधार पर अमेरिकी समर्थन भारत के लिए नया 'अवसर'
वाशिंगटन, 16 फरवरी (आईएएनएस)। भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के समर्थन को दुनिया के शीर्ष निर्णायक मंच के विस्तार के लिए एक नए 'अवसर' के रूप में देख रहा है।
भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव ने यहां मंगलवार को कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार के लिए तेज की जा रही मुहिम के समय अमेरिकी समर्थन बेहद मायने रखता है।"
संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत हरदीप सिंह पुरी और राव ने सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन सहित विभिन्न अधिककारियों से चर्चा की।
राव ने कहा, "जाहिर तौर पर स्थाई सदस्य होने के नाते सुरक्षा परिषद में सुधार और भारत को इसमें शामिल किए जाने के मसले पर अमेरिकी समर्थन बेहद महत्वपूर्ण है।"
उन्होंने कहा, "सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनाए जाने के सम्बंध में जापान ने भी भारत का समर्थन जताया है।" जापान सुरक्षा परिषद का स्थाई है।
न्यूयार्क में पिछले हफ्ते आयोजित बैठक में भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान ने सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता हासिल करने के लिए अपनी मुहिम तेज करने का फैसला लिया था। इन देशों ने उम्मीद जताई कि इस साल कुछ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में छह अप्रैल को भारत-अमेरिका रणनीतिक वार्ता को लेकर तैयारी में व्यस्त राव ने कहा, "हम सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता के लिए ओबामा के समर्थन की सराहना करते हैं।"
उन्होंने कहा, "आम सभा में सुरक्षा परिषद में स्थाई और अस्थाई वर्गो में विस्तार एक बड़ा मुद्दा है। इसके लिए मुहिम चलती रहेगी। "
विदश्ेा सचिव ने कहा, "हम अब उस स्थिति में पहुंच चुके हैं, जहां भारी संख्या में देश सुरक्षा परिषद में स्थाई और अस्थाई सदस्यता वर्गो में विस्तार का समर्थन कर रहें हैं।"
इस दौरान भारत और अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में सहयोग सहित कई बहुपक्षीय मसलों पर चर्चा की। राव ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र का हम सभी मसलों पर व्यापक रूप से समर्थन करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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