'असम के लिए चाहते हैं कश्मीर जैसा विशेष दर्जा' (लीड-2)

नई दिल्ली, 15 फरवरी (आईएएनएस)। प्रतिबंधित युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के नेता असम के लिए कश्मीर जैसा विशेष दर्जा चाहते हैं। नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भेंट की। असम में पिछले 30 वर्षो से जारी उग्रवाद को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले दिनों उल्फा से वार्ता आरम्भ की।

संगठन के स्वयंभू विदेश सचिव सशाधर चौधरी ने सीएनएन-आईबीएन न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि संगठन की बुनियादी मांग है कि संविधान को पूरी तरह परखकर त्रुटियों में सुधार किया जाए, क्योंकि प्रभुसत्ता ही ऐसा यंत्र है, जिसकी बदौलत देश की शासन व्यवस्था चलाई जा सकती है।

उल्फा के अध्यक्ष अरविंद राजखोवा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में चौधरी भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री आवास पर प्रधानमंत्री से मुलाकात की। मुलाकात संक्षिप्त रही और इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर को संविधान की धारा 370 के तहत विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है। असम की खुशहाली के लिए भी उसे विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की जरूरत है।

एक अधिकारी ने बताया, "यह मुलाकात लगभग 10 मिनट के लिए हुई। यह शिष्टाचार मुलाकात थी।"

उल्फा नेताओं के इस दल ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम और केंद्रीय गृह सचिव जी. के. पिल्लै से मुलाकात की थी।

उन्होंने कहा कि उल्फा राजनीतिक वार्ता के जरिए असम में समाधान चाहता है।

उल्फा के आठ शीर्ष नेता शांति वार्ता के लिए सरकार द्वारा जमानत पर रिहा किए गए हैं। उल्फा के प्रमुख परेश बरुआ ने कथित तौर पर शांति प्रक्रिया की कवायद को खारिज कर दिया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+