'दिल्ली पुलिस के निर्देश पर हुआ अमर सिंह का फोन टैप'
नई दिल्ली। रिलायंस इन्फोकॉम ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में कहा कि दिल्ली पुलिस के निर्देश पर राज्यसभा सदस्य और पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) नेता अमर सिंह का फोन टैप किया गया। अदालत को बताया गया कि फोन टैप प्रामाणिक तरीके से किया गया।
रिलायंस कम्युनिकेशन से जुड़े नोडल अधिकारी कर्नल (सेवानिवृत्त) ए.के. सचदेवा ने 21 पृष्ठों के अपने हलफनामे में कहा कि निर्दिष्ट प्रक्रिया के तहत उन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों से निर्देश मिले थे। वह लोक एवं राष्ट्रहित में त्वरित कार्रवाई करने के दायित्व से बंधे हुए हैं।वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी रिलायंस कम्युनिकेशन की ओर से अदालत में उपस्थित हुए।
अदालत में हलफनामा सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन द्वारा दाखिल याचिका की सुनवाई के सिलसिले में पेश किया गया। आवेदन में मांग की गई है कि देश की शासन व्यवस्था के सम्बंध में टैप गई सभी बातचीत को सार्वजनिक कार्यक्षेत्र में रखा जाना चाहिए।
शीर्ष अदालत के न्यायमूर्ति जी.एस. सिंघवी एवं न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली की खंडपीठ ने पिछली सुनवाई के दौरान रिलायंस कम्युनिकेशन से पूछा था कि जब यह जाहिर हो गया था कि फोन टैप से संबंधित आवेदन पत्र काल्पनिक और गढ़ा हुआ था, क्योंकि इसमें वर्तनी और व्याकरण की कई अशुद्धियां थीं, तब उसने अमर सिंह का फोन टैप क्यों किया।
हलफनामे में कहा गया कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस से पत्राचार में वर्तनी और अन्य त्रुटियां नहीं रही हों। इससे पहले भी अधिकारियों के पत्र और मेल में भी ऐसी गलतियां पाई गई हैं। हलफनामे में कहा गया कि 2005 में 3588 फोन टैप किए गए और 2006 से 2010 तक 1.51 लाख फोन टैप किए गए।इस मामले की अगली सुनवाई 8 मार्च को होगी।












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