यमन में राष्ट्रपति के खिलाफ चौथे प्रदर्शन जारी (लीड-1)
मिस्र में 30 वर्षो से सत्ता पर काबिज रहे हुस्नी मुबारक के इस्तीफे के बाद अब यमन में प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। यमन में राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह पिछले 32 वर्षो से सत्ता में काबिज हैं।
सालेह ने इस महीने की शुरुआत में विपक्ष से वादा किया था कि वह अपना अगला कार्यकाल जारी नहीं रखेंगे और न ही अपने पुत्र को सत्ता सौंपेंगे। उन्होंने वादा किया था कि 2013 में कार्यकाल खत्म होने पर वह पद छोड़ देंगे।
प्रदर्शनकारी हालांकि साहेल के इन वादों पर भरोसा नहीं करना चाहते और वह अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। इसी क्रम में सोमवार को सालेह के इस्तीफे की मांग को लेकर लगभग 3,000 लोगों ने राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ना शुरू किया।
पुलिस एवं रिपब्लिकन गार्ड के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों में मुख्यरूप से विद्यार्थी शामिल थे। पुलिस ने इस दौरान सात पत्रकारों, पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और 10 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
विपक्ष के सूत्रों ने कहा है कि इस घटना में कम से कम चार व्यक्ति घायल हुए हैं।
इस बीच देश के मुख्य विपक्षी गठबंधन, ज्वाइंट मीटिंग पार्टीज ने रविवार को कहा कि राजनीतिक सुधारों पर राष्ट्रीय संवाद में हिस्सा लेने के लिए उसने सालेह के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
ज्ञात हो कि सालेह ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह 2013 में अपना मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा राष्ट्रपति नहीं बनना चाहेंगे और इसके साथ ही उन्होंने अप्रैल में प्रस्तावित संसदीय चुनाव को तबतक के लिए स्थगित करने का वादा किया था, जबतक कि चुनावी प्रणाली के सुधार पर विपक्ष के साथ बातचीत अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंच जाती।
पिछले सप्ताह सालेह के इस्तीफे की मांग को लेकर सना और यमन के अन्य मुख्य शहरों में हजारों की संख्या में विपक्षी समर्थकों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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